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तेलंगाना में अनाज की उपज तीन करोड़ टन पहुंची, सरकार ने मिलिंग क्षमता बढ़ाने समिति नियुक्त करने संबंधी जारी किया आदेश

हैदराबाद। तेलंगाना की करोड़ों एकड़ भूमि के लिए सिंचाई जल सुविधा, 24 घंटे मुफ्त बिजली, कृषि में निवेश के...
तेलंगाना में अनाज की उपज तीन करोड़ टन पहुंची,  सरकार ने मिलिंग क्षमता बढ़ाने समिति नियुक्त करने संबंधी जारी किया आदेश

हैदराबाद। तेलंगाना की करोड़ों एकड़ भूमि के लिए सिंचाई जल सुविधा, 24 घंटे मुफ्त बिजली, कृषि में निवेश के लिए किसानों को सहायता, किसान ऋण माफी और किसान बीमा जैसे कार्यक्रमों के कारण अनाज की उपज 3 करोड़ टन तक पहुंच गई है। राज्य में करोड़ों एकड़ में धान उत्पादन हो रहा है। सरकार ने मिलिंग क्षमता को तुरंत बढ़ाने के लिए कैबिनेट के निर्णय के अनुसार एक समिति नियुक्त करने का आदेश जारी किया है।

सरकार ने ज्ञापन में कहा कि इस समिति में वित्त विभाग के विशेष मुख्य सचिव अध्यक्ष होंगे और चार अन्य को सदस्य नियुक्त किया जायेगा। सरकार ने कहा कि उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव, टीएसआईआईसी के प्रबंध निदेशक और नागरिक आपूर्ति आयुक्त समिति के सदस्य होंगे।

इस समिति को 2022-23 मानसून सीजन के लिए यासांगी में अनाज की पैदावार को पूरा करने के लिए मिलिंग क्षमता बढ़ाने और अनाज की नीलामी करने के लिए आवश्यक सिफारिशें करने का कार्य सौंपा गया है। सरकार ने आदेश में कहा कि यह निर्णय राज्य चावल मिलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के अनुरोध पर नागरिक आपूर्ति आयुक्त के प्रस्तावों के अनुसार लिया गया है। सरकार ने सुझाव दिया है कि पांच सदस्यीय समिति को इस क्षेत्र में उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रक्रियाएं तैयार करनी चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए।

राज्य सरकार के आदेश में कहा गया है कि  राज्य में उन क्षेत्रों की पहचान करना है जहां मिलिंग कम है। अनाज की पैदावार कितनी है, समिति को कितनी मिलिंग क्षमता की आवश्यकता है, इसका विवरण एकत्र करना चाहिए। कम मिलों वाले क्षेत्रों में खाद्य प्रसंस्करण लगाने हेतु भूमि की पहचान करना होगा। अनाज मिलिंग में बड़े पैमाने पर निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक औद्योगिक प्रोत्साहन नीति बनाना होगा। समिति को जल्द से जल्द वर्ष के भीतर आने वाली नई मिलों के लिए आवश्यक तकनीक की पहचान करनी चाहिए। संभावित निवेशकों को मिलिंग क्षेत्र की ओर आने और उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित करना होगा। समिति को यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय करने चाहिए कि चावल और उसके अन्य उत्पाद लाभदायक हों।

मौजूदा कस्टम मिलिंग नीति को बदला जाना चाहिए और अनिवार्य मिलिंग को निश्चित विकास में निश्चित क्षमता के साथ डिजाइन किया जाना चाहिए। राज्य सरकार के आदेश में कहा गया है कि अनाज की गुणवत्ता का आकलन, बाजार की स्थितियों के अनुसार गुणवत्ता और कीमत का निर्धारण और अनाज की नीलामी जैसी गतिविधियों  को सुनिश्चित करना होगा। मानसून और यासंगी दोनों मौसमों में अनाज के आगमन के बाद आवश्यक उपाय किए जाने चाहिए। समिति के सभी सदस्य बैठक कर अनाज का न्यूनतम मूल्य तय करें। अनाज नीलामी हेतु दिशा-निर्देशों के संबंध में अनुशंसाएं की जाएं। इस संबंध में सरकार ने नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त को आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

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