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विजय माल्या को लंदन के कोर्ट से मिली जमानत, प्रत्यर्पण मामले पर सुनवाई 12 सितंबर तक टली

 नौ हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर लंदन के वेस्ट...
विजय माल्या को लंदन के कोर्ट से मिली जमानत, प्रत्यर्पण मामले पर सुनवाई 12 सितंबर तक टली

 नौ हजार करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी शराब कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर लंदन के वेस्ट मिनिस्टर कोर्ट में सुनवाई 12 सितंबर तक टल गई है। कोर्ट में मंगलवार को विजय माल्या के प्रत्यर्पण पर अंतिम सुनवाई थी। इस सुनवाई में विजय माल्या भी भाग लेने पहुंचा था।

विजय माल्या लंदन की कोर्ट में अपने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ केस लड़ रहा है। जस्टिस एम्मा की कोर्ट में विजय माल्या पर सुनवाई हो रही है। भारत से सीबीआई और ईडी की टीम पहले ही लंदन पहुंची थी।।

लंदन की कोर्ट में पिछले साल दिसंबर में माल्या का प्रत्यर्पण का ट्रायल शुरू हुआ था। विजय माल्या मार्च 2016 से देश छोड़कर जा चुका है। माल्या ने किंगफिशर एयरलाइंस के खाते पर डिफॉल्ट किया है। उसके खिलाफ फ्रॉड के भी आरोप हैं। इस केस की पिछली सुनवाई 27 अप्रैल को हुई थी। कोर्ट ने विजय माल्या के खिलाफ पेश किए गए सबूतों को मान्य किया था। लंदन के वेस्ट मिनिस्टर कोर्ट ने प्रत्यर्पण मामले में शराब कारोबारी विजय माल्या को जमानत दे दी है। मामले की अगली सुनवाई 12 सितम्बर को होगी। उधर, कोर्ट पहुंचे विजय माल्या ने कहा कि उनके खिलाफ मनी लॉड्रिंग मामले में लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं।

शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के पूर्व मुखिया विजय माल्या अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ ब्रिटेन के कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। 

माल्या पर भारतीय बैंकों के साथ कर्ज में नौ हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग का आरोप है। वह पिछले दो साल से लंदन में रह रहे हैं।

इस साल फरवरी में भारत सरकार ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए आधिकारिक रूप से ब्रिटिश सरकार से अनुरोध किया था। भारत ने ब्रिटिश सरकार को साफ कर दिया था कि माल्या के खिलाफ उसके पास पर्याप्त सबूत हैं और बेहतर राजनयिक संबंध बनाए रखने के लिए प्रत्यर्पण संधि के तहत इस मामले पर गंभीरता से विचार जरूरी है।

इससे पहले विजय माल्या लंदन के कोर्ट में कर्ज देने वाले बैकों की ओर से दायर केस हार चुका है। इन बैंकों का कहना है कि उन्हें माल्या की ब्रिटेन स्थित संपत्तियों को बेचकर अपने कर्ज की वसूली का अधिकार मिलना चाहिए। माल्या ने इसका विरोध किया था। लेकिन कोर्ट ने अपने फैसले में भारतीय बैंकों के दावे को सही पाया और ब्रिटेन स्थित संपत्तियों को बेचकर कर्ज उगाही की मंजूरी दे दी थी।

वहीं, विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने भी सोमवार को संसद में कहा था कि भारत-ब्रिटेन प्रत्यर्पण सं‌धि के तहत विजय माल्या के केस में प्रोग्रेस हो रही है।

ब्रिटेन में रह रहे हैं 131 वांछित अपराधी

विजय माल्या अकेला नहीं है, जिसका भारत प्रत्यर्पण चाहता है। ऐसे कई लोग हैं, जो भारतीय बैंकों को चूना लगाकर ब्रिटेन में बैठे हैं, जिनकी सरकार के पास एक लंबी सूची है।

भारत और ब्रिटेन के बीच 1993 में प्रत्यर्पण संधि हुई थी। तब से अब तक ब्रिटेन की तरफ से एक भी आरोपी देश को नहीं सौंपा गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत के 131 वांछित लोगों की सूची ब्रिटेन के पास है। पिछले कुछ सालों में तो ब्रिटेन की ओर से कई गंभीर मामलों के आरोपियों की प्रत्यर्पण याचिका नामंजूर कर दी गई है।

 

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