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कोरोना की तीसरी लहर दे चुकी है दस्तक? इन राज्यों में बढ़ रहे हैं मामले, R-फैक्टर ने बढ़ाई चिंता

कोरोना वायरस की दूसरी लहर अभी तक थमी नहीं है वहीं कई राज्यों में बढ़ते आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं। अगले...
कोरोना की तीसरी लहर दे चुकी है दस्तक? इन राज्यों में बढ़ रहे हैं मामले, R-फैक्टर ने बढ़ाई चिंता

कोरोना वायरस की दूसरी लहर अभी तक थमी नहीं है वहीं कई राज्यों में बढ़ते आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं। अगले महीने यानी अगस्त में तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है, लेकिन उससे पहले दूसरी लहर भी जाते-जाते फिर से कहर बरपा सकती है क्योंकि रोज आने वाले नए आंकड़े लगातार गिरते हुए नजर आ रहे थे लेकिन बीते कुछ दिन से वो फिर लगातार बढ़ते नजर जा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों में सबसे अहम चीज R-फैक्टर या रिप्रोडक्शन रेट है, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में वायरस के फैलने की रफ्तार की जानकारी देता है।

आजतक की खबर के अनुसार,आंकड़ों के मुताबिक ये R-फैक्टर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। महाराष्ट्र, केरल और पूर्वोत्तर के राज्यों में एक्टिव केस की संख्या बढ़ने से इसकी रफ्तार भी बढ़ी है। जून के आखिर में R-फैक्टर 0.88 की रफ्तार से बढ़ा है, जबकि मई के आखिर में ये 0.78 तक पहुंच गया था।

महाराष्ट्र में रविवार को 8,535 नए संक्रमण मिले थे। राज्य में एक्टिव मामलों की संख्या लगभग 1.19 लाख है। महाराष्ट्र में "R" फैक्टर मई के मध्य में 0.79 था जो 30 मई को बढ़कर 0.84 और जून के अंत में 0.89 हो गया। हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि यह अब 1 के करीब है।

केरल में रविवार को 12,000 से अधिक नए संक्रमण मिले थे। राज्य में एक्टिव मामलों की संख्या लगभग 1.15 लाख है। केरल में "R" फैक्टर इस महीने की शुरुआत में 1 को पार कर गया था। हाल के आंकड़ों से इसके 1 के निकट होने का पता चल रहा है।

पूर्वोत्तर राज्यों में भी यह फैक्टर चिंता बढ़ा रहा है। मणिपुर में यह 1 से अधिक है। पिछले सप्ताह के आंकड़ों से पता चला था कि देश में 10 प्रतिशत से अधिक के पॉजिटिविटी रेट वाले 73 जिलों में से 47 पूर्वोत्तर में हैं।

कोरोना की दूसरी लहर में जैसे ही नए मामलों की रफ्तार कुछ कम हुई थी, तब कई राज्यों में अनलॉकिंग की प्रक्रिया तेजी से शुरू हुई थी। ऐसे में अब जब बाजारों में फिर भीड़ उमड़ रही है, तब बढ़ते हुए नए केस चिंता का विषय हैं।

रिसर्चर्स के मुताबिक, भारत में R-फैक्टर अभी भी एक से नीचे है, लेकिन अब एक्टिव केस की संख्या कम रफ्तार से घट रही है। केरल में नए मामलों के के उछाल के कारण चिंता बढ़ी है, जबकि मणिपुर-अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में भी केस तेजी से बढ़ रहे है।

बता दें कि जब कोरोना की दूसरी लहर अपने पीक पर थी, तब R-वैल्यू 1.37 तक थी, मई में ये 1.19 तक पहुंच गई और जून में ये 0.78 तक पहुंची थी., लेकिन अब फिर इसका ट्रेंड ऊपर गया है और ये 0.88 तक पहुंची है। दरअसल, चिंता की वजह सिर्फ नए केस बढ़ना ही नहीं है, बल्कि एक्टिव केस में भी इजाफा होना है।

गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में जहां कोरोना के केस काफी कम आ रहे हैं, वहीं केरल में एक बार फिर रोजाना आने वाले केस की संख्या 15 हजार तक पहुंची है। पिछले कुछ दिनों से केरल में लगातार 10 हजार से अधिक केस दर्ज किए जा रहे हैं। केरल में अब सवा लाख के करीब एक्टिव केस हो गए हैं।

 

 

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