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किसानों ने 'योग' को बनाया 'विरोध का हथियार', कई जगह रास्ते रोके

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर किसानों ने योग कर अपना विरोध दर्ज कराया। मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा में कुछ किसानों ने योगासन के जरिए अपना विरोध प्रदर्शन किया। वहीं बाराबंकी में फैजाबाद हाई-वे के अलावा देश के अन्य इलाकों में भी किसान शवासन कर अपनी नाराजगी जताते नजर आए।
किसानों ने 'योग' को बनाया 'विरोध का हथियार', कई जगह रास्ते रोके

एक ओर जहां देश-दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को उत्सव की तरह मनाया जा रहा है। वहीं उत्तर प्रदेश के किसानों ने योग को विरोध का हथियार बनाया है। किसानों ने बाराबंकी में फैजाबाद हाई-वे पर शवासन कर अपना विरोध प्रकट किया। इस दौरान केवल छात्रों और एंबुलेंस को हाई-वे से गुजरने की अनुमति दी गई।


 

 जानकारी के मुताबिक अलीगढ़-नोएडा राजकीय राजमार्ग पर भी किसानों ने विरोध जताया। भारतीय किसान यूनियन सहित अन्य किसानों ने शवासन कर केंद्र सरकार का विरोध किया।

गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन ने पहले ही इसकी चेतावनी दी थी। यूनियन ने  केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि  इनकी गलत नीतियों के कारण से किसान मरणावस्था में पहुंच गया है।

योग दिवस नहीं शोक दिवस

भारतीय किसान यूनियन ने देशभर के किसानों को आह्वान किया था कि वे योग दिवस को शोक दिवस के रूप में मनाएं। हरियाणा के किसानों ने भी 15 जिलों में हाई-वे पर योग करने की चेतावनी दी थी। इधर मध्य प्रदेश के भोपाल में कांग्रेस नेताओं ने भी शवासन कर विरोध जताया।  

 

 

 

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