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लखीमपुर हिंसा: मृतक किसानों के परिवार को 45 लाख रुपये और सरकारी नौकरी, रिटायर्ड जज करेंगे मामले की जांच

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हिंसा के दौरान हुई मौत के बाद किसानों का प्रदर्शन जारी है और वह मारे...
लखीमपुर हिंसा: मृतक किसानों के परिवार को 45 लाख रुपये और सरकारी नौकरी, रिटायर्ड जज करेंगे मामले की जांच

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हिंसा के दौरान हुई मौत के बाद किसानों का प्रदर्शन जारी है और वह मारे गए किसानों के शव को सड़क पर रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान कई मांगों पर अड़े थे। इस बीच खबर है कि हिंसा के दौरान मारे गए सभी मृतकों को 45-45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी प्रदेश की योगी सरकार। साथ ही मृतकों के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा घायलों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी। मामले की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस की निगरानी में की जाएगी।

न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, प्रशांत कुमार, एडीजी (कानून-व्यवस्था), ने बताया कि कल लखीमपुर खीरी में मारे गए 4 किसानों के परिवारों को सरकार 45 लाख रुपये और एक सरकारी नौकरी देगी। घायलों को 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। किसानों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज मामले की जांच करेंगे।

साथ ही यह भी बताया गया कि सीआरपीसी की धारा 144 लागू होने के कारण राजनीतिक दलों के नेताओं को जिले का दौरा नहीं करने दिया गया है। हालांकि, किसान संघों के सदस्यों को यहां आने की अनुमति है।

वहीं, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने कहा कि वीडियो में स्पष्ट है कि कुछ लोग मार रहे हैं और ये भी कह रहे हैं कि तुम मंत्री जी का नाम लो। मेरी गाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर जा रही थी, शायद उन्होंने उसे देखकर ये समझा हो कि मेरा बेटा उसमें है। उसकी हत्या करने के लिए भी ये हमला हो सकता है।

इससे पहले उन्होंने कहा कि हमारी मुख्यमंत्री से मांग है कि हमारे जो कार्यकर्ता मारे गए हैं उन्हें 50-50 लाख रुपये का मुआवज़ा दिया जाए और इस घटनाक्रम की जांच हो। हमारे कार्यकर्ता मरे हैं, हमने तहरीर दे दी है। हम हर जगह पूछताछ के लिए तैयार हैं, हमें कानून पर विश्वास है।

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