उन्होंने कहा कि दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के एक सप्ताह के भीतर स्थिति का आकलन करने और विकास परियोजनाओं को फिर से शुरू करने के लिए अधिकारियों के साथ दस से अधिक बैठकें हो चुकी हैं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘आज मैंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और बाढ़ प्रबंधन अधिकारियों को सीवर और फुटपाथ की सफाई के लिए एक योजना तैयार करने, लंबित फ्लाईओवर परियोजनाओं की समीक्षा करने, उनका निर्माण फिर से शुरू करने और फ्लाईओवर के नीचे फुटपाथ के सौंदर्यीकरण का काम करने के निर्देश दिए हैं।’’

वर्मा ने अपने दौरे के दौरान एक क्षतिग्रस्त पुलिया का निरीक्षण किया जो पिछले दो वर्षों से जीर्ण-शीर्ण अवस्था में थी, जिसके कारण सड़क बंद थी और यातायात जाम हो रहा था। उन्होंने अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया और निवासियों को आश्वासन दिया कि मरम्मत का काम अप्रैल तक शुरू हो जाएगा।

मंत्री ने कहा, ‘‘यह सड़क बारापुला की ओर जाती है और यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। पिछली सरकार की लापरवाही के कारण बारापुला परियोजना की लागत अपने मूल अनुमान से दोगुनी हो गई है।’’

आम आदमी पार्टी (आप) की तत्कालीन सरकार की आलोचना करते हुए वर्मा ने आरोप लगाया कि पिछले दस वर्षों में अरविंद केजरीवाल मंत्रिमंडल के किसी भी (तत्कालीन) मंत्री ने इसकी प्रगति की निगरानी के लिए मौका दौरा नहीं किया।

उन्होंने पूर्ववर्ती आप सरकार पर भाजपा विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों को छोड़कर पूरी दिल्ली में चीनी सीसीटीवी कैमरे लगाने का आरोप भी लगाया।

विधानसभा सत्र के दौरान वर्मा ने पिछली आप सरकार के दौरान भाजपा विधायकों के आठ निर्वाचन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे न लगाए जाने की जांच की घोषणा की और आश्वासन दिया कि अब इन क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर कैमरे लगाए जाएंगे।

विधायकों द्वारा उठाई गई चिंताओं का जवाब देते हुए उन्होंने तत्कालीन आप सरकार पर सीसीटीवी लगाने के मामले में तत्कालीन विपक्षी भाजपा विधायकों के साथ "सौतेला" व्यवहार करने का आरोप लगाया।