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अर्थव्यवस्था पर पीएम मोदी की सफाई को आलोचकों ने कहा 'जुमलानोमिक्स'

बुधवार को प्रधानमंत्री के द्वारा अर्थव्यवस्था पर दी गई सफाई से विरोधियों को घेरने का एक और मौका मिल...
अर्थव्यवस्था पर पीएम मोदी की सफाई को आलोचकों ने कहा 'जुमलानोमिक्स'

बुधवार को प्रधानमंत्री के द्वारा अर्थव्यवस्था पर दी गई सफाई से विरोधियों को घेरने का एक और मौका मिल गया। प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी, नोटबंदी से लेकर कई मोर्चों पर अपनी बात रखी थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम ने कहा कि 'लोगों के अंदर शल्य जैसा निगेटिव भाव है। यहां तो लोगों ने डोकलाम हुआ तो भी निराशा फैलाई। कुछ लोगों को निराशा फैलाने में अद्भुत आनंद आता है। ऐसे लोगों के लिए आजकल एक क्वॉर्टर की ग्रोथ कम होना सबसे बड़ी खुराक मिल गई है।

प्रधानमंत्री के पूरे भाषण को लेकर आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है।  उनके द्वारा पेश किए गए आंकड़े, तथ्य और तर्क पर भी आलोचक निशाना साध रहे हैं। माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने प्रधानमंत्री द्वारा अर्थव्यवस्था को मजबूत बताने के दावे को ‘जुमलानोमिक्स’ करार देते हुए कई सवाल उठाए हैं।

आर्थिक मंदी के बारे में मोदी के दावे को गलत बताते हुए येचुरी ने कहा कि अर्थव्यवस्था में मंदी का दौर सिर्फ एक तिमाही से नहीं है बल्कि यह दौर पिछली छमाही से जारी है।

येचुरी ने ट्वीट के जरिए कहा ‘‘पीएम के जुमालानोमिक्स भाषण में आरबीआई के जीवीए अनुमान को 6.7 प्रतिशत से उन्होंने बदल कर 7.7 फीसदी कर दिया।”

 

येचुरी ने नोटबंदी के मुद्दे पर घेरते हुए कहा, “नोटबंदी से हुयी तबाही तथा जीएसटी के कुप्रबंधन या अप्रत्यक्ष कर की ऊंची दर से हुये नुकसान के लिये कौन जिम्मेदार है।”

 

इधर कांग्रेस प्रवक्ता आरएस सुरजेवाला ने तंज कसते हुए ट्वीट किया कि निवेश स्थिर है। मंजूरी नहीं मिलने की वजह से 13.32 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं रूक गई हैं! लेकिन मोदी जी केवल भाषण देते हैं।

उन्होंने आगे लिखा, “मेलोड्रामैटिक नाटक कभी भी ठोस तथ्यों को बदल नहीं सकता है। मोदी जी, 40 महीने समाप्त हो गए हैं, लेकिन प्रति वर्ष 2 करोड़ नौकरियों का वादा जुमला में बदल जाता है!

अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार ना सिर्फ विपक्षियों की आलोचनाएं झेल रही है बल्कि अपने नेता भी आड़े हाथ ले रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यशवंत सिन्हा ने एक बार फिर हमला बोलते हुए पीएम मोदी के शल्य वाले बयान पर जवाब दिया है। यशवंत सिन्हा ने कहा, “पीएम मोदी ने अपने बयान में महाभारत के शल्य का जिक्र किया। मगर, मैं भीष्म हूं और किसी कीमत पर इकोनॉमी का चीर हरण नहीं होने दूंगा।”

इसके अलावा भी सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के इस भाषण पर बहस जारी है। देखिए कुछ टिप्पणियां:

 

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