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महिलाओं के खिलाफ़ अपराध में राजस्थान नंबर वन, आवाज़ उठाने पर सीएम ने मंत्री को किया बर्खास्त: अनुराग ठाकुर

हिंसा से त्रस्त राज्य मणिपुर से बुधवार को एक शर्मनाक घटना की वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मच गया,...
महिलाओं के खिलाफ़ अपराध में राजस्थान नंबर वन, आवाज़ उठाने पर सीएम ने मंत्री को किया बर्खास्त: अनुराग ठाकुर

हिंसा से त्रस्त राज्य मणिपुर से बुधवार को एक शर्मनाक घटना की वीडियो वायरल होने के बाद बवाल मच गया, जिसमें दो महिलाओं को भीड़ द्वारा निर्वस्त्र परेड कराई जा रही थी। इसके बाद से विपक्ष सरकार पर हमलावर है। अब भाजपा ने बिहार, बंगाल और राजस्थान में बढ़ते अपराधों पर ध्यान केंद्रित करते हुए विपक्षी सरकारों पर निशाना साधा है।

शनिवार को भाजपा कार्यालय में, प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री, अनुराग ठाकुर ने विपक्षी दलों पर निशाना साधने के लिए राजस्थान, बिहार और पश्चिम बंगाल में दर्ज महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुछ मामलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष शासित राज्यों में महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों की एक लंबी सूची है, लेकिन वह मणिपुर की घटना पर राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, "महिलाओं के खिलाफ अपराध में राजस्थान नंबर वन राज्य बन गया है। पिछले 4 वर्षों में राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध की कुल 1.09 लाख घटनाएं हुई हैं। भारत में 22 प्रतिशत बलात्कार के मामले राजस्थान से हैं। राजस्थान में कुल 33,000 मामले महिलाओं पर यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं।"

ठाकुर ने राजस्थान के एक मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को बर्खास्त करने पर कहा कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के निर्देश पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर चिंता व्यक्त करने वाले मंत्री को बर्खास्त कर दिया गया। उन्होंने कहा, "अपराधियों के खिलाफ कोई कदम उठाने के बजाय सीएम अशोक गहलोत ने राज्य में महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाने पर अपने एक मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को बर्खास्त कर दिया।"

शुक्रवार को भाजपा ने कहा था कि उन्होंने (अशोक गहलोत) सच बोलने के लिए मंत्री राजेंद्र गुढ़ा को बर्खास्त कर दिया और इससे पता चलता है कि सत्तारूढ़ कांग्रेस महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर कितनी गंभीर है। बता दें कि गुढ़ा सैनिक कल्याण (स्वतंत्र प्रभार), होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा, पंचायती राज और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री थे।

महिलाओं के खिलाफ अपराध के मुद्दे पर विधानसभा में अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने के कुछ घंटों बाद गुढ़ा को बर्खास्त कर दिया गया। इसपर भाजपा आईटी प्रमुख अमित मालवीय ने ट्वीट किया था, "गहलोत ने गुढ़ा को सच बताने की वजह से हटा दिया। यह दिखाता है कि कांग्रेस महिलाओं के साथ हो रहे शोषण को लेकर कितनी गंभीर है।"

दरअसल, गुढ़ा ने राजस्थान विधानसभा में एक विधेयक पर चर्चा के दौरान यह बात कही, "जिस तरह से हम राजस्थान में महिलाओं को सुरक्षा देने में विफल रहे हैं और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार बढ़े हैं, हमें मणिपुर का मुद्दा उठाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए।"

वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी राजस्थान के मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और हिंदी में एक ट्वीट में कहा, "गहलोत के शासन में सच बोलना मना है।" उन्होंने आरोप लगाया, "गहलोत ने अपने सहयोगियों को चेतावनी दी है कि अगर वे सच बोलेंगे तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। अपने ही साथियों को डराना, मुंह बंद करना भी जुल्म ही कहा जाएगा।"

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