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नूंह हिंसा पर बोले केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, 'अगर दोनों समुदायों के पास हथियार थे तो यह जांच का विषय है'

हरियाणा राज्य के नूंह जिले में भड़की हिंसा की चर्चा देशभर में जारी है। हिंसा में छह लोगों की मौत के...
नूंह हिंसा पर बोले केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, 'अगर दोनों समुदायों के पास हथियार थे तो यह जांच का विषय है'

हरियाणा राज्य के नूंह जिले में भड़की हिंसा की चर्चा देशभर में जारी है। हिंसा में छह लोगों की मौत के अलावा अबतक 116 लोग गिरफ्तार किए चुके हैं। साथ ही 41 एफआईआर अबतक दर्ज की जा चुकी हैं। इस घटना सियासी दलों की तरफ से भी अलग-अलग तरह के बयान सामने आ रहे हैं। इस बीच केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों समुदायों के पास हथियार कहां से आए, ये जांच का विषय है।

दरअसल, केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा, "मैं हरियाणा में एम्स के उद्घाटन के लिए उन्हें आमंत्रित करने के लिए पीएम से मिला।" हरियाणा के नूंह में हुई हिंसा पर वह कहते हैं, ''अगर दोनों समुदायों के पास हथियार थे तो यह जांच का विषय है कि उनके पास हथियार कैसे आए और उन्होंने ऐसा माहौल क्यों बनाया। हरियाणा सरकार जांच कराएगी।"

नूंह घटना पर हरियाणा के परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा ने कहा, "जो भी लोग इसमें शामिल हैं हम उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेंगे। हरियाणा परिवहन की बसों को कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन निजी वाहनों को नुकसान हुआ है। जब तक शांति बहाली नहीं हो जाती तब तक नूंह और उसके आस-पास बसों को रोका गया है।"

डीजीपी हरियाणा पीके अग्रवाल ने कहा, "नूंह में कल से कोई हिंसक घटना नहीं हुई है। अब तक 41 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है उन लोगों को आज कोर्ट ले जाया जाएगा और जांच होगी। हम जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।"

"हमने जिन 116 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके अलावा 90 लोगों को हिरासत में लिया है और जांच की जा रही है। गुरुग्राम मस्जिद में हुई घटना के अलावा सोहना और बादशाहपुर में भी आग लगने की कुछ घटनाएं हुईं और इन जगहों पर भी सख्त कार्रवाई की जा रही है।"

गुरुग्राम की वर्तमान स्थिति पर बात करते हुए एसीपी क्राइम वरुण कुमार दहिया ने कहा, "पिछले दो दिनों में 15 एफआईआर दर्ज की गई हैं। 31 जुलाई को हुई घटना के बाद ऐसी घटनाओं में काफी कमी आई है। हम हॉटस्पॉट और संवेदनशील इलाकों पर कड़ी नजर रख रहे हैं।"

"अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 30 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। गुरुग्राम के सेक्टर 57 स्थित अंजुमन मस्जिद में भीड़ ने इकट्ठा होकर इस घटना को अंजाम दिया जिसमें दो लोग घायल हो गए और एक की मौके पर ही मौत हो गई, अब दूसरे की हालत स्थिर है।"

आपको बता दें कि नूंह हिंसा के खिलाफ बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के घोंडा चौक पर विरोध प्रदर्शन किया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह पुलिस बैरिकेडिंग की गई। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने हरियाणा के नूंह में हाल ही में हुई हिंसक झड़पों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। डीसीपी नॉर्थ ईस्ट, जॉय टिर्की ने बताया कि मौजपुर चौक और नॉर्थ ईस्ट जिले के अन्य इलाकों में स्थिति "सामान्य" है।

इससे पहले बुधवार को, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था, "घटना में दो होम गार्ड और चार नागरिकों सहित छह लोगों की मौत हो गई है। अब तक 116 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोषी पाए जाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। हम जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। राज्य में स्थिति सामान्य है।" उन्होंने जनता से शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।

हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा था, "नूंह में स्थिति नियंत्रण में है...करीब 44 एफआईआर दर्ज की गई हैं। अब तक 116 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके पीछे एक साजिश है। जिस तरह से पत्थर, हथियार और गोलियां मिली हैं, उससे लगता है कि इसके पीछे कोई मास्टरमाइंड है। हम विस्तृत जांच करेंगे और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।''

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा, "यात्रा आयोजकों ने जिला प्रशासन को यात्रा के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी। इस वजह से यह घटना हुई...घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।" दुष्यंत चौटाला ने कहा कि अगर यात्रा के आयोजकों ने जिला प्रशासन को यात्रा के बारे में पूरी जानकारी दी होती तो नूंह जिले में हिंसा से बचा जा सकता था।

हरियाणा के गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक झड़पों के बाद अलर्ट जारी होने के बाद दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में गश्त बढ़ा दी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि दिल्ली पुलिस पड़ोसी राज्यों के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में होने वाली घटनाओं पर नजर रखती है, जिनका राष्ट्रीय राजधानी पर असर पड़ सकता है।

अधिकारी ने कहा कि अगर दिल्ली में कोई ऐसी स्थिति होती है तो हम तैयार हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि बल शांति समितियों के साथ बैठकें कर रहा है। अधिकारी ने कहा, "हम उनसे अपने इलाकों में शांति बनाए रखने का आग्रह कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी जा रही है।"

मिश्रित आबादी वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की दृश्यता बढ़ा दी गई है। ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। दिल्ली पुलिस ने ट्वीट किया, "उत्तरी दिल्ली को सुरक्षित और शांत रखते हुए! पुलिस ने क्षेत्र पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन सर्वेक्षण तैनात किया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सद्भाव बना रहे और सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोच्च बनी रहे।" बता दें कि सीमावर्ती इलाकों में बैरिकेड लगाए जा रहे हैं और चेकिंग भी की जा रही है।

गौरतलब है कि 31 जुलाई को दो समूहों के बीच हुई हिंसा के मद्देनजर नूंह से सटे जिलों - फरीदाबाद, पलवल और गुरुग्राम - में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। नूंह में सोमवार आधी रात से 48 घंटे के लिए धारा 144 लागू कर दी गई और जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं।मंगलवार को गुरुग्राम के बादशाहपुर और सोहना रोड पर ताजा हिंसा की खबरें आईं।

भीड़ ने एक विशेष समुदाय की कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की और बादशाहपुर में एक मस्जिद के सामने "जय श्री राम" के नारे भी लगाए। बादशाहपुर बाजार भी बंद हो गया। ताजा हिंसा की जानकारी मिलने के बाद, गुरुग्राम पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दंगाई अपनी बाइक और अन्य वाहनों पर भागने में सफल रहे, अधिकारियों ने कहा, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।

सहायक पुलिस आयुक्त वरुण दहिया (अपराध), गुरुग्राम ने कहा था, "सभी स्कूल, कॉलेज और कार्यस्थल सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। यातायात की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इंटरनेट भी चालू है। मैं सभी से अपील करता हूं कि वे सोशल मीडिया की अफवाहों पर ध्यान न दें। अगर कोई ज़रूरी जानकारी देना चाहता है तो वह हेल्पलाइन नंबर '112' पर संपर्क कर सकता है।"

इससे पहले, नूंह में सोमवार को हुई झड़प में गोली लगने से मारे गए दो होम गार्ड समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी। मृतक होम गार्ड की पहचान नीरज और गुरसेवक के रूप में हुई है जो खेड़ली दौला पुलिस स्टेशन में तैनात थे। नूंह जिले और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस तैनात की गई। नूंह में भी कर्फ्यू लगा दिया गया और कुछ जगहों पर धारा 144 लगा दी गई।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कल कहा था कि उन्हें सोमवार की झड़प के पीछे एक ''साजिश'' होने का संदेह है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर झड़पें हुईं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है और हिंसा के पीछे बड़ी साजिश लगती है। बता दें कि नूंह में केंद्रीय बलों की सोलह कंपनियां और हरियाणा पुलिस की 20 कंपनियां तैनात की गई हैं। उपायुक्त निशांत यादव ने मंगलवार को कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सामान्य स्थिति बहाल हो गई है तथा बाजार खुल गए हैं।

उपायुक्त यादव ने कहा, "गुरुग्राम में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है, सोहना हमारा मुख्य फोकस क्षेत्र था, वहां शांति समिति की बैठक हुई है, सामान्य स्थिति बहाल हो गई है और बाजार खुल गए हैं। हमने एक फ्लैग मार्च भी किया है।" उन्होंने आगे कहा, 'गुरुग्राम में सेक्टर 57 की मस्जिद में एक मौत की सूचना मिली, सोहना में 5 वाहनों को आग लगा दी गई और दो से तीन दुकानों में तोड़फोड़ की गई है।'

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