आवरण कथा/जेल डायरीः ‘‘जमानत थोड़ी राहत जैसी, जिंदगी तो खो गई’’ जेल बेतुकी बातों की फैक्ट्री है, जो रोज बेरोकटोक चलती है। मसलन, हर सुबह सेल खोले जाते थे, तो यह रस्म... FEB 19 , 2026