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नैनो को लेकर रतन टाटा के साथ मतभेद : वाडिया

निष्कासन प्रस्ताव का सामना कर रहे टाटा मोटर्स के स्वतंत्र निदेशक नुस्ली वाडिया ने आज कहा कि छोटी कार नैनो के कारोबार को जारी रखने को लेकर उनका टाटा समूह के प्रमुख रतन टाटा के साथ मतभेद था क्यों कि यह कंपनी के वित्तीय संसाधनों में सेंध साबित हो चुकी है।
नैनो को लेकर रतन टाटा के साथ मतभेद : वाडिया

गौरतलब है कि टाटा संस ने वाडिया को निदेशक पद से हटाने के लिये टाटा मोटर्स के शेयरधारकों की असाधारण बैठक अगले सप्ताह बुलायी है। शेयरधारकों की असाधारण बैठक से पहले वाहन कंपनी के शेयरधारकों को लिखे पत्र में वाडिया ने कहा कि नैनो के मामले में निवेश तथा नुकसान हजारों करोड़ रुपये का है।

छोटी कार के बंद किये जाने के पीछे कारण देते हुए वाडिया ने कहा, नैनो को 2008 में पेश किया गया और शुरू में इसे एक लाख रुपये में बेचने का विचार था। बाद में इसका टाटा मोटर्स के वित्तीय संसाधनों पर गंभीर प्रभाव पड़ा। 2.25 लाख रुपये की कीमत पर भी कार न तो बिकती है और न ही व्यावहारिक है क्योंकि प्रत्येक वाहन की बिक्री पर कंपनी को अच्छा-खासा नुकसान हो रहा है।

उन्होंने लिखा है, इसके वाणिज्यिक रूप से विफल रहने (जो इसके पेश किये जाने के कुछ समय बाद ही यह बात साबित हो गयी) के बाद मैंने इसके परिचालन और वित्त पोषण जारी रखने को लेकर विरोध जताया। इसके कारण काफी नुकसान हुआ। निवेश 2.5 लाख कार बनाने के हिसाब से किया गया था जबकि 2015-16 में उत्पादन 20,000 कारें थी और फिलहाल यह और कम है।

कार के विनिर्माण को जारी रखने को लेकर आगाह करते हुए वाडिया ने कहा, नैनो को बंद करने में देरी से कंपनी के वित्त पर गंभीर असर पड़ रहा है। इसके अलावा इससे कंपनी के यात्री वाहन कारोबार पर नकारात्मक छवि बनी है। नुस्ली वाडिया ने कहा, नैनो पर निवेश और नुकसान हजारों करोड़ रुपये का है। मैने ही नहीं बल्कि कई अन्य ने भी इसका परिचालन जारी रखने को लेकर चिंता जतायी है। वाडिया ने यह भी कहा कि मुझे हटाने के कथित कारण मेरे कामकाज या 18 साल से टाटा मोटर्स के स्वतंत्र निदेशक के रूप में मेरे आचरण से दूर तक भी नहीं जुड़ा है। उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया कि उनके कार्यों से टाटा मोटर्स तथा उसके भविष्य को जोखिम है और कुल मिलाकर कर्मचारियों तथा प्रबंधन पर प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह गलत है।

वाडिया ने दावा किया कि टाटा मोटर्स के किसी भी कर्मचारी या प्रबंधक या निदेशक ने उनके आचरण को लेकर शिकायत नहीं की। इसके विपरीत उन्होंने निदेशक मंडल की बैठक से बाहर कई मुद्दों पर पर मेरी सलाह मांगी।

टाटा मोटर्स में 26.51 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाली टाटा संस ने साइरस मिस्त्री तथा वाडिया को निदेशक मंडल से हटाने के लिये पिछले महीने कंपनी के निवेशकों की असाधारण बैठक बुलाने को कहा था।

भाषा

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