राजनीति में तो किसी बयान या स्टैंड पर लोगों को दो धड़े में बंटते देखा है। मगर अब बॉलीवुड भी इस मामले में पीछे नहीं है। बॉलीवुड में अब नई पीढ़ी अपनी बात खुल कर कहती है और इस बात की परवाह नहीं करती कि कोई खेमा उसके पीछे पड़ जाएगा या उससे दूरी बना लेगा। शॉटगन के नाम से प्रसिद्ध शत्रुघ्न सिन्हा की बिटिया सोनाक्षी ने ऐसी ही दिलेरी दिखाई है। सोनाक्षी काम मानना है कि दीपिका पादुकोण ने जिस वीडियो में महिलाओं के स्वावलंबी होने की बात कही है वह उससे सहमत नहीं हैं। सशक्तीकरण का मतलब व्याभिचार नहीं है। यह राय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस वीडियो के पक्ष में अमिताभ बच्चन, ऋषि कपूर, शबाना आजमी ने दीपिका की जम कर तारीफ भले ही न की हो मगर उन्होंने वीडियो और दीपिका की सराहना की थी।
सोनाक्षी का मानना है कि नारी सशक्तीकरण का मतलब महिलाओं को रोजगार और ताकत देना है न कि इसका संबंध कपड़ों संबंधों से होना चाहिए जैसा कि इस वीडियो में कहा गया है। सोनाक्षी का मानना है कि जिस तबके में इसकी जरूरत है उस तबके तक ऐसे संदेश पहुंचते ही नहीं हैं। 'माय चॉइस’ नाम से आया यह वीडियो पिछले दिनों बहुत चर्चा में रहा है। इसमें दीपिका ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा है कि उन्हें पुरुषों की कुंठित सोच को बदल देना चाहिए। वीडियों में वह कहती हैं, 'मैं अपनी पसंद के हिसाब से जैसे चाहती हूं, वैसे जिंदगी गुजार सकती हूं। जैसा चाहती हूं, वैसे कपड़े पहन सकती हूं, यह फैसला कर सकती हूं कि मेरी काया कैसी होगी, कब शादी करना चाहती हूं। यह फैसला मुझे करना है कि मैं पुरुष से प्रेम करूं या स्त्री से या दोनों से।’ इस वीडियो में फरहान अख्तर की पत्नी अधुना और बहन जोया अख्तर के साथ होमी की डिजाइनर पत्नी अनीता भी नजर आ रही हैं। इस मसले पर बोल्ड लेखिका शोभा डे भी सोनाक्षी की तरह राय रखती हैं। एक अंग्रेजी दैनिक के अपने लेख में उन्होंने भी दीपिका से असहमति जताई है।
दीपिका के विरोध में सोनाक्षी और शोभा डे
सोनाक्षी का मानना है कि नारी सशक्तीकरण का मतलब महिलाओं को रोजगार और ताकत देना है न कि इसका संबंध कपड़ों संबंधों से होना चाहिए जैसा कि इस वीडियो में कहा गया है।
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