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जीनत अमान की फिल्म का शानदार किस्सा

हिन्दी सिनेमा के सफल अभिनेता देव आनंद की फिल्म "हरे रामा हरे कृष्णा" की शूटिंग चल रही थी। फिल्म में...
जीनत अमान की फिल्म का शानदार किस्सा

हिन्दी सिनेमा के सफल अभिनेता देव आनंद की फिल्म "हरे रामा हरे कृष्णा" की शूटिंग चल रही थी। फिल्म में मुख्य भूमिका में अभिनेता देव आनन्द और अभिनेत्री ज़ीनत अमान थीं। देव आनन्द फिल्म के निर्देशक भी थे। फिल्म में संगीत निर्माण की ज़िम्मेदारी राहुल देव बर्मन के कंधे पर थी। 

फिल्म के एक महत्वपूर्ण दृश्य को असरदार बनाने के लिए एक गीत का ख़्याल राहुल देव बर्मन के ज़हन में आया। राहुल देव बर्मन ने जब अपने ख़्याल को देव आनन्द से साझा किया तो देव आनन्द ने गाना सुनने की सहमति जता दी। राहुल देव बर्मन ने जब गाना देव आनन्द को सुनाया तो उन्होंने गाने को रिजेक्ट कर दिया। देव आनंद के अनुसार गाना फिल्म के लिए ठीक नहीं था।  

राहुल देव बर्मन इस बात से आश्वस्त थे कि यह गीत अगर फ़िल्म में शामिल हो गया तो फ़िल्म में जान आ जाएगी। इसलिए उन्होंने एक बार और प्रयास किया। इस बार देव आनन्द मान गए।फ़िल्म के लिए गाने को शूट किया गया। 

जब फिल्म रिलीज़ हुई तो फ़िल्म से ज़्यादा हिट यह गीत हो चुका था। गीत के बोल थे "दम मारो दम, मिट जाए गम"। गीत के बोल लिखे थे मशहूर फिल्म गीतकार आनंद बख्शी ने। हर ज़बान पर बस एक ही गीत था "दम मारो दम "। यह गीत आज तक याद किया और गुनगुनाया जाता है।यह अद्भुत बात थी कि जिस गीत को रिजेक्ट किया गया था, वह फ़िल्म की लोकप्रियता से भी आगे निकल गया। इसी लोकप्रियता को देखते हुए निर्माताओं ने फ़िल्म में गीत के कुछ हिस्से को एडिट कर दिया। इसलिए कि फ़िल्म कमज़ोर न पड़ जाए गीत के सामने। सच में हर गीत अपना नसीब लेकर आता है। 

 

 

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