उच्चतम न्यायालय ने किसानों के आंदोलन संबंधी मामले पर सुनवाई शुक्रवार को स्थगित करते हुए कहा कि केंद्र और किसानों के बीच दो दौर की वार्ता हो चुकी है। किसानों ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित कई मांगें की हैं।
पंजाब के महाधिवक्ता गुरमिंदर सिंह ने कहा कि राज्य के दो मंत्रियों ने बैठक में भाग लिया था।
पीठ ने आंदोलनकारी किसानों को अपनी शिकायतें उठाने का एक मंच प्रदान करने के लिए शीर्ष अदालत द्वारा नियुक्त उच्चाधिकार प्राप्त समिति के काम की सराहना की और इसकी अंतरिम रिपोर्ट को रिकॉर्ड में ले लिया।
पीठ ने रिपोर्ट को फिलहाल अपने पास रख लिया है और समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) नवाब सिंह एवं अन्य सदस्यों के लिए मानदेय तय किया है।
शीर्ष अदालत ने प्रदर्शनकारी किसानों की शिकायतों का सौहार्दपूर्ण समाधान करने के उद्देश्य से सितंबर, 2024 में समिति का गठन किया था।
उच्चतम न्यायालय ने पंजाब सरकार के अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई पर 22 जनवरी को इस बात पर गौर करने के बाद रोक लगा दी थी कि डल्लेवाल अपना अनशन तोड़े बिना चिकित्सा सहायता ले रहे हैं।
पीठ ने कहा था कि केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात की और 14 फरवरी को चंडीगढ़ में एक और बैठक निर्धारित की गई।