Advertisement

77वां स्वतंत्रता दिवस: पीएम मोदी ने लाल क़िले पर लगातार 10वीं बार फहराया तिरंगा; "देश में अवसरों की कोई कमी नहीं"

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया।...
77वां स्वतंत्रता दिवस: पीएम मोदी ने लाल क़िले पर लगातार 10वीं बार फहराया तिरंगा;

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया। उन्होंने लगातार 10वीं बार इस ऐतिहासिक प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई।

इससे पहले, लाल किला पहुंचने पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। लाल किला पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री ने सलामी गारद का निरीक्षण किया। इसके बाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, प्रमुख रक्षा अध्‍यक्ष जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी आर चौधरी ने उनका स्‍वागत किया। प्रधानमंत्री ने जैसे ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया, भारतीय वायु सेना के दो उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर मार्क-III ध्रुव ने कार्यक्रम स्थल पर पुष्‍प वर्षा की।

लाल किला पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धाजंलि अर्पित की। अपने सरकारी आवास से निकलने के बाद प्रधानमंत्री सीधे राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने बापू की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल क़िले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा, "दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और अब जनसंख्या के मामले में भी अग्रणी देश। इतना बड़ा देश, मेरे परिवार के 140 करोड़ सदस्य आज स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं।

उन्होंने कहा, "भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान देने वाले सभी बहादुरों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। देश में अवसरों की कोई कमी नहीं है। देश में अनंत अवसर प्रदान करने की क्षमता है।"

पीएम मोदी ने कहा, "इस बार प्राकृतिक आपदा ने देश के कई हिस्सों में अकल्पनीय संकट पैदा कर दिया है। मैं इसका सामना करने वाले सभी परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।"

सबसे चर्चित मणिपुर के मुद्दों पर उन्होंने कहा, "कुछ दिनों से मणिपुर से लगातार शांति की खबर आ रही है,देश मणिपुर के लोगों के साथ है...समाधान केवल शांति से ही पाया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार समाधान के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।"

उन्होंने आगे कहा, "आज हमारे पास जन सांख्यिकी, लोकतंत्र और विविधता है - ये तीनों मिलकर देश के सपनों को साकार करने की क्षमता रखते हैं।जनसांख्यिकी, लोकतंत्र और विविधता की त्रिमूर्ति देश के सपनों को साकार करने की शक्ति रखती है।"

"मैं पिछले 1000 वर्षों की बात इसलिए कर रहा हूं क्योंकि मैं देख रहा हूं कि देश के सामने एक बार फिर अवसर है। अभी हम जिस युग में जी रहे हैं इस युग में हम जो करेंगे, जो कदम उठाएंगे और एक के बाद एक जो निर्णय लेंगे, वह स्वर्णिम इतिहास को जन्म देगा।"

"कोविड-19 महामारी के बाद एक नई विश्व व्यवस्था, एक नया भू-राजनीतिक समीकरण बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भू-राजनीति की परिभाषा बदल रही है। आज नई विश्व व्यवस्था को आकार देने में 140 करोड़ लोगों की क्षमता देखी जा सकती है। सुधार, निष्पादन और परिवर्तन से देश बदल रहा है।"

प्रधानमंत्री ने अपने वादे को दोहराते हुए कहा, "मोदी की गारंटी है, देश आने वाले सालों में विश्व की तीन सबसे बड़ी इकोनॉमी में अपनी जगह बना लेगा। यह पक्का जगह ले लेगा। शहरों में किराए, झुग्गी झोपड़ी, चॉल में रहने वाले मेरे भाई बहनों के लिए घर बनाने हेतु, उनके लिए ऋण हेतु हम योजना लेकर आएंगे।"

"महंगाई का बोझ कम हो, इसके लिए हम कदम उठाते रहेंगे। मेरे प्यारे परिवारजनों, देश अनेक क्षमताओं को लेकर आगे बढ़ रहा है। आधुनिकता के साथ आगे बढ़ रहा है। हमारी सरकार जिसका शिलान्यास करती है, उसका उद्घाटन भी करती है। आप यकीन रखिए, जिन योजनाओं का आज मैं शिलान्यास कर रहा हूं। उन योजनाओं का उद्घाटन भी आपने मेरे नसीब में ही लिखा है।"

जी20 पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "आज भारत को जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ है। बीते वर्ष में जिस प्रकार भारत के कोने-कोने में G20 के अनेक आयोजन हुए, उससे दुनिया को भारत के सामान्य जन के सामर्थ्य, भारत की विविधता का परिचय हुआ है।"

"2014 में जब हम सत्ता में आए तो वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में हम 10वें स्थान पर थे। आज 140 करोड़ भारतीयों के प्रयास से हम वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। यह ऐसे ही नहीं हुआ जब भ्रष्टाचार के राक्षस ने देश को अपनी गिरफ्त में ले लिया था तब हमने इसे रोका और एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाई।"

पीएम मोदी ने कहा, "सरकार अगले महीने पारंपरिक कौशल वाले लोगों के लिए 13,000 से 15,000 करोड़ रुपए के आवंटन के साथ विश्वकर्मा योजना शुरू करेगी। भारत की एकता पर आंच आए, ऐसा मेरा कोई कदम नहीं होगा। मेरी ओर से हमेशा भारत को जोड़ने के प्रयास होंगे। हम श्रेष्ठता का भाव लेकर आगे बढ़ रहे हैं।" 

उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर कहा, "आज भारत गर्व से कह सकता है कि दुनिया में किसी देश में सबसे ज्यादा महिला पायलट हैं तो भारत में हैं। चंद्रयान की गति हो, महिला वैज्ञानिक नेतृत्व कर रही हैं। नारी शक्ति के सामर्थ्य को बढ़ावा देते हुए, मैंने इस विषय को जी20 में आगे बढ़ाया है। जहां सभी समूह मिलकर इसे स्वीकार कर रहे हैं, बल दे रहे हैं।"

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज विश्व हमारे देश का सामर्थ्य देख रहा है। दो करोड़ लखपति दीदी बनाने का मेरा सपना है। विज्ञान और तकनीक से जुड़कर हम आगे बढ़ रहे हैं। कृषि में नवीन तकनीकी के इस्तेमाल को लेकर हम संकल्पित हैं। हम एक योजना ला रहे हैं, जिसके तहत महिलाओं को ड्रोन उड़ाने की ट्रेनिंग देंगे, उसे रिपेयर करने की ट्रेनिंग देंगे। हम हजारों समूहों को ड्रोन देंगे और प्रशिक्षण देंगे। इसकी शुरुआत हम 15000 महिलाओं से कर रहे हैं।"

पीएम मोदी ने नए संसद भवन का ज़िक्र करते हुए कहा, "25 साल से देश में चर्चा चल रही थी कि नया संसद भवन बनेगा। यह मोदी है जिसने समय के पहले संसद बनाकर रख दिया। यह एक ऐसी सरकार है जो काम करती है, जो निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करती है। ये नया भारत है। यह एक ऐसा भारत है जो आत्मविश्वास से भरा है...ये भारत ना रुकता है, ना थकता है, ना हांफता है और ना ही हारता है।"

गौरतलब है कि भारत आज 77वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 10वीं बार दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

स्वतंत्रता दिवस समारोह में सरपंचों, खादी कार्यकर्ताओं, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों और नर्सों सहित लगभग 1,800 विशेष मेहमानों को आमंत्रित किया गया है।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से
Advertisement
Advertisement
Advertisement
  Close Ad