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'मन की बात' में पीएम मोदी ने राज्यों को दिया GST का क्रेडिट, जानिए अहम बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिये देशवासियों को एक बार फिर संबोधित...
'मन की बात' में पीएम मोदी ने राज्यों को दिया GST का क्रेडिट, जानिए अहम बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिये देशवासियों को एक बार फिर संबोधित किया। यह पीएम मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम का 45वां संस्करण है। इस दौरान पीएम मोदी ने जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि ‘वन नेशन, वन टैक्स’ देश के लोगों का सपना था, वो आज हकीकत में बदल चुका है। इस टैक्स रिफॉर्म का श्रेय उन्होंने राज्यों को दिया। जानिए 'मन की बात' की अहम बातें-

भारत-अफगानिस्तान टेस्ट मैच का जिक्र

पीएम मोदी ने कहा 'कुछ दिन पहले बेंगलुरु में भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक टेस्ट मैच हुआ। यह अफगानिस्तान का पहला अन्तर्राष्ट्रीय मैच था। इस मैच में दोनों ही टीमों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। मुझे ये मैच किसी एक विशेष कारण से याद रहेगा। भारतीय टीम ने कुछ ऐसा किया, जो पूरे विश्व के लिए एक मिसाल है। टीम ने ट्रॉफी लेते समय अफगानिस्तान की टीम को भी आमंत्रित किया। स्पोर्ट्समैन स्पिरिट क्या होती है, इस घटना से अनुभव किया जा सकता है।' उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाड़ी राशिद खान की तारीफ भी की।

'योग लोगों को जोड़ने का काम करता है'

उन्होंने कहा, 'इस 21 जून को चौथे ‘योग दिवस’ पर विश्वभर में लोगों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ योगाभ्यास किया। सऊदी अरब में पहली बार योग का ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ और बहुत सारे आसनों का प्रदर्शन तो महिलाओं ने किया। योग सभी सीमाओं को तोड़कर, जोड़ने का काम करता है। देश गौरवान्ति हुआ है, जब जल-थल और नभ सैनिकों ने योग का अभ्यास किया। सैनिकों ने पनडुब्बी में योग किया, सियाचीन के बर्फीले पहाड़ों पर योग किया। वायुसेना के हमारे योद्धाओं ने तो बीच आसमान में धरती से 15 हज़ार फुट की ऊंचाई पर योगासन करके सबको स्तब्ध कर दिया। अहमदाबाद का एक दृश्य तो दिल को छू लेने वाला था। वहां लगभग 750 दिव्यांग भाई-बहनों ने एक स्थान पर योगाभ्यास करके विश्व कीर्तिमान बना डाला। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के जिस भाव को हम सदियों से जीते आये हैं, योग ने उसे सही मायने में सिद्ध करके दिखाया है।'

'डॉक्टर हमें पुनर्जन्म देते हैं'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि MyGov और Narendra Modi App पर कई लोगों ने मुझे लिखा है कि मैं इस बार की ‘मन की बात’ में 1 जुलाई को आने वाले डॉक्टर्स डे के बारे में बात करूं। इस दिन डॉक्टर्स की उपलब्धियों को सेलीब्रेट करने के साथ समाज के प्रति उनकी सेवा के लिए उन्हें धन्यवाद दिया जाता है। मां हमें जन्म देती है, तो कई बार डॉक्टर हमें पुनर्जन्म देता है।

कबीर, गुरु नानक का जिक्र

भारत का एक समृद्ध इतिहास रहा है। ऐसा कोई महीना नहीं है, जिसमें कोई-न-कोई ऐतिहासिक घटना न घटी हो। भारत में हर जगह की अपनी एक विरासत है। वहां से जुड़ा कोई संत है, कोई महापुरुष है, कोई प्रसिद्ध व्यक्ति है, सभी का अपना-अपना योगदान है। सभी जानते हैं कि कबीरदास मगहर क्यों गए थे? उस समय धारणा थी कि मगहर में जिसकी मृत्यु होती है, वह स्वर्ग नहीं जाता। कबीर इस पर विश्वास नहीं करते थे। उन्होंने अपने समय की ऐसी ही कुरीतियां और अंधविश्वासों को तोड़ने का काम किया। इसलिए उन्होंने मगहर में समाधि ली। संत कबीरदास जी ने अपनी साखियों और दोहों के माध्यम से सामाजिक समानता, शांति और भाईचारे पर बल दिया। उनकी रचनाओं में हमें यही आदर्श देखने को मिलते हैं और आज के युग में भी वे उतने ही प्रेरक है। इस दौरान पीएम ने गुरु नानक देव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने कोटि-कोटि लोगों को सन्मार्ग दिखाया, सदियों से प्रेरणा देते रहें।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी को किया याद

भारत की आजादी का संघर्ष बहुत व्यापक है। यह अनगिनत शहादतों से भरा हुआ है। 2019 में जलियांवाला बाग की उस भयावह घटना के 100 साल पूरे हो रहे हैं जिसने पूरी मानवता को शर्मसार किया था। 13 अप्रैल, 1919 का वो काला दिन कौन भूल सकता है जब सत्ता का दुरुपयोग करते हुए क्रूरता की सारी हदें पार कर निर्दोष और मासूम लोगों पर गोलियां चलाई गयी थी।

दिल्ली के रोहिणी के श्रीमान रमण कुमार ने 'नरेंद्र मोदी एप' पर लिखा है कि आने वाली 6 जुलाई को डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्मदिन है और वे चाहते हैं इस कार्यक्रम में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बारे में देशवासियों से बात करूं। पीएम मोदी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि डॉ मुखर्जी का सपना था भारत हर क्षेत्र में औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर हो, कुशल और समृद्ध हो। वे चाहते थे कि भारत बड़े उद्योगों को विकसित करे और साथ ही MSMEs, हथकरघा, वस्त्र और कुटीर उद्योग पर भी पूरा ध्यान दे। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए, जो सबसे महत्वपूर्ण बात थी, वो थी भारत की अखंडता और एकता। हम हमेशा डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के एकता के सन्देश को याद रखें, सद्भाव और भाईचारे की भावना के साथ, भारत की प्रगति के लिए जी-जान से जुटे रहें। बता दें कि शनिवार यानी 23 जून को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि थी।

'नए भारत में संकल्प की शक्ति'

दूर-सुदूर गांवों में बेटियां कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से गांवों के बुजुर्गों की पेंशन से लेकर पासपोर्ट बनवाने तक की सेवाएं उपलब्ध करवा रही हैं। मुझे खुशी इस बात की है इस पूरे कार्यक्रम में सरकार की सफलता से ज्यादा सामान्य मानव की सफलता की बातें,देश की शक्ति, नए भारत के सपनों की शक्ति, नए भारत के संकल्प की शक्ति को मैं अनुभव कर रहा था। मेरे लिए टेक्नोलॉजी की मदद से लाभार्थियों के साथ समय बिताने का एक पल बहुत ही सुखद, बहुत ही प्रेरक रहा है।

'जीएसटी का श्रेय राज्यों को'

जीएसटी को एक साल पूरा होने वाला है ‘वन नेशन, वन टैक्स’ देश के लोगों का सपना था, वो आज हकीकत में बदल चुका है। वन नेशन वन टैक्स रिफॉर्म के लिए अगर मुझे सबसे ज्यादा किसी को श्रेय देना है तो मैं ये श्रेय राज्यों को देता हूं। अब तक जीएसटी काउंसिल की 27 मीटिंग हुई हैं और भिन्न-भिन्न राजनीतिक विचारधारा के लोग वहां बैठते हैं, भिन्न-भिन्न राज्यों के लोग बैठते हैं। जीएसटी काउंसिल में अब तक जितने भी निर्णय किये गए हैं, वे सारे के सारे सर्वसहमति से किए गए हैं।

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