Advertisement

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से मांगी सांसदों और विधायकों के आपराधिक मामलों की जानकारी

फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल समेत सभी...
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से मांगी सांसदों और विधायकों के आपराधिक मामलों की जानकारी

फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल समेत सभी राज्यों के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की जानकारी दें और इस बारे में हलफनामा दायर करें।

कोर्ट ने हलफ़नामा दायर कर यह बताने को कहा है कि स्पेशल कोर्ट गठन को लेकर क्या हुआ और सांसद-विधायकों के मामलों के ट्रांसफर को लेकर क्या किया गया। इसके अलावा इन मामलों का ब्यौरा क्या है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वो सांसदों-विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों से निपटने के लिए बनाई जाने वाली स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की निगरानी करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि एक नवंबर 2017 के स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के आदेश पर पूरी तरह से अमल किया जाए। इसके लिए वो समय-समय पर रिपोर्ट मांगेगा। मामले में 12 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।

ज्यादातर राज्यों ने नहीं दी जानकारी

अभी तक कोर्ट को आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र और दिल्ली की जानकारी ही दी गई है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा ऐसे कौन से राज्य है जहां फास्ट ट्रैक कोर्ट नहीं बने। कोर्ट ने ये भी पूछा, ऐसे कौन से राज्य है, जिन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट को लेकर रुचि नही दिखाई है। इससे पहले हलफनामे में केंद्र ने कोर्ट को बताया कि अभी तक दिल्ली समेत 11 राज्यों से मिले आंकडों के मुताबिक फिलहाल सांसदों-विधायकों के खिलाफ 1233 मामले इन 12 स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रांसफर किए गए है और 136 मामलों का निपटारा किया गया है।

अब आप हिंदी आउटलुक अपने मोबाइल पर भी पढ़ सकते हैं। डाउनलोड करें आउटलुक हिंदी एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से
Advertisement
Advertisement
Advertisement
  Close Ad