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तेलंगाना सरकार ने शुरू की सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री नाश्ता योजना, इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना

हैदराबाद। तेलंगाना के वित्त और स्वास्थ्य मंत्री हरीश राव ने शुक्रवार को कहा कि तेलंगाना राज्य लोगों...
तेलंगाना सरकार ने शुरू की सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री नाश्ता योजना, इसे लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना

हैदराबाद। तेलंगाना के वित्त और स्वास्थ्य मंत्री हरीश राव ने शुक्रवार को कहा कि तेलंगाना राज्य लोगों के कल्याण के लिए अनूठी योजनाएं पेश कर कई राज्यों के लिए उदाहरण पेश कर रहा है। सीएम के.चंद्रशेखर राव ने पिछले महीने दशहरा उपहार के रूप में इस योजना की घोषणा की थी। इससे राज्य के खजाने पर सालाना 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा।

रंगा रेड्डी जिले के अंतर्गत रविरयाला गांव में सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए योजना का शुभारंभ करते हुए वित्त और स्वास्थ्य मंत्री हरीश राव ने घोषणा की कि तेलंगाना राज्य सरकारी स्कूल के छात्रों को नाश्ता उपलब्ध कराने वाला देश का पहला राज्य है। नई योजना में सरकार ने हर दिन के लिए एक विशिष्ट मेनू निर्धारित किया है। मंत्री ने औपचारिक रूप से जिला परिषद स्कूल में योजना की शुरुआत की और कहा कि दशहरा से पूरे राज्य में इस योजना में शामिल किया जाएगा। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री केसीआर मानवीय दृष्टिकोण से योजनाओं और अवधारणाओं को तैयार कर इसका विस्तार कर रहे हैं। मंत्री ने बताया कि लगभग सभी कल्याणकारी कार्यक्रमों का उद्देश्य राज्य में जरूरतमंदों को मदद करना है। कार्यक्रम में मंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी, पटनम महेंदर रेड्डी, सांसद बीबी पाटिल और रंजीत रेड्डी भी उपस्थित थे।

आईटी मंत्री केटी रामा राव ने सिकंदराबाद में वेस्ट मेरेडपल्ली के एक स्कूल में योजना का शुभारंभ किया। रामा राव ने कहा कि स्कूली छात्रों का ‘नाश्ता बहुत लजीज है और इसका स्वाद भी बहुत अच्छा है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि भोजन की गुणवत्ता बनी रहे और गुणवत्ता का बार-बार और नियमित रूप से परीक्षण करने के लिए नमूने एकत्र किए जाएं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में इसी तरह की एक योजना पहली कक्षा से पांचवी कक्षा तक के स्कूली बच्चों के लिए लागू की जा रही है। हालांकि, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव चाहते हैं कि इसे कक्षा 10 तक के छात्रों के लिए लागू किया जाए।

राज्य के नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास मंत्री के.टी रामाराव ने कहा कि राज्य भर के 67,147 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लगभग 23 लाख छात्रों को नाश्ता परोसा जाएगा। कक्षा 1 से 10 तक के सभी छात्रों को नाश्ता कक्षा शुरू होने से 45 मिनट पहले परोसा जाएगा। नाश्ते के मेनू में इडली सांबर, गेहूं रवा, उपमा चटनी, पूरी, आलू खोरमा, टमाटर भात, खिचड़ी और पोंगल शामिल हैं।

शिक्षा मंत्री सबिता इंद्रा रेड्डी ने रंगारेड्डी जिले के रविराला में एक स्कूल में योजना का उद्घाटन किया। गृह मंत्री महमूद अली ने हैदराबाद के उप्पल इलाके में मुख्यमंत्री नाश्ता योजना शुरू की। राज्य सरकार ने कहा कि वह गरीब परिवारों के छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ-साथ पढ़ाई पर उनकी एकाग्रता बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। यह योजना उन छात्रों के माता-पिता की कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है जो खेत मजदूर हैं और सुबह काम के लिए अपने घरों से निकलते हैं।

केसीआर ने हाल ही में तमिलनाडु में योजना के कार्यान्वयन की जांच के लिए आईएएस अधिकारियों की एक टीम भेजी थी। जिसने अध्ययन कर सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी। केटीआर ने कहा कि योजना का कार्यान्वयन मन्ना ट्रस्ट को सौंपा गया है, जिसकी हैदराबाद के उप्पल में दो लाख भोजन की क्षमता वाली एक केंद्रीकृत रसोई है। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने और इसके नमूने एकत्र करने और उनका बार-बार परीक्षण करने कहा है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ छात्रों को अच्छा पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योजना को दशहरा से राज्य भर में लागू किया जाएगा।

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