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शिवसेना मामले में ‘सामना’ ने विधानसभा अध्यक्ष को घेरा, कहा- संविधान को कुचल दिया गया

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली...
शिवसेना मामले में ‘सामना’ ने विधानसभा अध्यक्ष को घेरा, कहा- संविधान को कुचल दिया गया

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी) ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी को ‘असली’ शिवसेना के रूप में मान्यता देने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर पर निशाना साधते हुए कहा कि ”चोरों के गिरोह” को मान्यता देकर संविधान को कुचल दिया गया है। शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में कहा गया कि महाराष्ट्र की जनता इसमें शामिल लोगों को माफ नहीं करेगी। वहीं, इसने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी निशाना साधा।

पार्टी के सांसद संजय राउत ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नार्वेकर को न्याय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी लेकिन उन्होंने शिंदे के वकील के रूप में काम किया। नार्वेकर ने बुधवार को माना कि 21 जून, 2022 को शिवसेना में विभाजन के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाला धड़ा ही ”असली राजनीतिक दल” (असली शिवसेना) है और उन्होंने दोनों गुटों के किसी भी विधायक को अयोग्य नहीं ठहराया।

नार्वेकर का यह फैसला शिंदे के पक्ष में आया जो मुख्यमंत्री के लिए बड़ी राजनीतिक जीत है। शिवसेना में विभाजन के 18 महीने बाद इस फैसले से शीर्ष पद के लिए शिंदे की जगह पक्की हो गई है। वहीं, लोकसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन में उनकी राजनीतिक ताकत भी बढ़ गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का अजित पवार गुट भी शामिल है।

‘सामना’ के संपादकीय में नार्वेकर पर निशाना साधते हुए कहा गया, ”चोरों के गिरोह को मान्यता देकर संविधान को कुचल दिया गया।” इसमें कहा गया कि अध्यक्ष का फैसला पहले से ही तय था और इसमें हैरान होने वाली कोई बात नहीं है।

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