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किसान आंदोलन के बीच केंद्र का फैसला- खरीफ फसलों पर MSP 50% तक बढ़ाई गई, तिल पर सबसे अधिक 452 रूपए प्रति क्विंटल

करीब छह महीने से भी अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को...
किसान आंदोलन के बीच केंद्र का फैसला- खरीफ फसलों पर MSP 50% तक बढ़ाई गई, तिल पर सबसे अधिक 452 रूपए प्रति क्विंटल

करीब छह महीने से भी अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन के बीच मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को कैबिनेट ने धान सहित कई खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एएसपी) में वृद्धि कर दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कैबिनेट द्वारा लिए गए फैसले के बाद अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये जानकारी दी है। धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 72 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि कर अब साल 2021-22 के लिए 1940 रूपए प्रति क्विंटल कर दिया गया है। पिछले साल धान पर एमएसपी 1,868 प्रति क्विंटल थी।

वहीं, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि इस साल तिल के भाव में एमएसपी में सबसे अधिक 452 रूपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है,जबकि उड़द और तुअर के भाव में 300 रूपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में ये कैबिनेट बैठक बुलाई गई थी। एमएसपी दर पर सरकार किसानों से अनाज की खरीद करती है।

केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा है कि केंद्र सरकार ने खरीफ की फसलों की एमएसपी में 50 फीसदी तक वृद्धि करने का फैसला किया है। आगे उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों के हित में फैसले ले रही है। उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर चर्चा करने के लिए हर वक्त तैयार रहती है।

गौरतलब है कि केंद्र और किसान इस वक्त आमने-सामने हैं। छह महीने से भी अधिक समय से देश के अलग-अलग राज्यों से, खास तौर से पंजाब,हरियाणा के किसान दिल्ली में डेरा डाले बैठे हैं। किसानों की मांग है कि केंद्र द्वारा बीते साल लाए गए तीनों कृषि संबंधी कानूनों को रद्द किया जाए जबकि केंद्र संशोधन की बात पर अड़ी हुई है। केंद्र और किसानों के बीच में अब तक दस से अधिक दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। हालांकि, इस साल की शुरूआत में ही सुप्रीम कोर्ट कानून पर अंतरिम रोक लगा चुका है।

 

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