देश में लगातार कोरोना के मामलों में हो रहे उतार-चढ़ाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को कोविड वैक्सीन को लेकर बड़ी खुशखबरी दी है। उन्होंने कहा है कि कोरोना का टीका अगले कुछ सप्ताह के भीतर आ जाएगा और वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलते ही देश में टीकाकरण अभियान शुरू हो जाएगा। इसे लेकर भारत ने अपनी खास तैयारियों को अंजाम दिया है। कई स्तरों पर इसके इंतजामात किए गए हैं।
देश में कोरोना के कहर से निजात दिलाने के लिए एडवांस में ही कोरोना वैक्सीन की डोज की बुकिंग को लेकर कदम उठाया गया है। सभी नागरिकों को वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए अब तक 160 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया गया है। इसके साथ हीं कोरोना वैक्सीन की खरीद से लेकर भंडारण और उसके वितरण तक की रूप-रेखा भी तैयार की गई है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से 50 करोड़ डोज का ऑर्डर
आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक कोविड-19 वैक्सीन के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से बुकिंग की गई है। भारत ने ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन की 50 करोड़ डोज की बुकिंग की है। अमेरिका ने भी इतने हीं डोज का ऑर्डर दिया है।
नोवावैक्स से वैक्सीन की 100 करोड़ डोज का ऑर्डर
वहीं, नोवावैक्स से वैक्सीन की 100 अरब डोज का ऑर्डर किया गया है। इसे यूरोपीय यूनियन ने 11 करोड़ डोज का ऑर्डर दिया है।
स्पुतनिक-V वैक्सीन की 10 करोड़ डोज
साथ हीं रूसी कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-V वैक्सीन की 10 करोड़ डोज का ऑर्डर बुक किया गया है। इस वक्त रूसी वैक्सीन का अंतिम ट्रायल देश में हो रहा है। हैदराबाद की डॉ. रेड्डी के साथ ट्रायल को लेकर समझौता हुआ है।
इससे पहले गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डारेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया ने जानकारी देते हुए कहा था कि शुरुआत में टीका सभी को देने के लिए पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं होगा। हमें यह देखने के लिए एक प्राथमिकता सूची की आवश्यकता है कि हम उन लोगों का टीकाकरण करें जिनकी कोविड के कारण मरने की संभावना सबसे अधिक है। बुजुर्गों और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोगों के अलावा सबसे पहले फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाए जाने चाहिए। इसके बाद दूसरे और तीसरे फेज में अन्य कर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा।