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दिल्ली घेराव से पहले गिरफ्तार हुए सैकड़ों किसान, कहा- ‘पीड़ा बहुत दी, लेकिन हल नहीं निकाला’

राष्ट्रीय किसान महासंघ की ओर से 23 फरवरी को दिल्ली घेराव का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन इससे पहले कल रात...
दिल्ली घेराव से पहले गिरफ्तार हुए सैकड़ों किसान, कहा- ‘पीड़ा बहुत दी, लेकिन हल नहीं निकाला’

राष्ट्रीय किसान महासंघ की ओर से 23 फरवरी को दिल्ली घेराव का आयोजन किया जा रहा है। लेकिन इससे पहले कल रात से ही हरियाणा में सैकड़ों किसान नेताओं की गिरफ्तारियों का सिलसिला शुरू हो गया। किसान संगठनों का कहना है कि हरियाणा से सैंकड़ों किसान हिरासत में लिए जा चुके हैं। बता दें कि किसान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने और देश के किसानों का कर्जा माफ करवाने को लेकर यह आंदोलन कर रहे हैं।

किसान नेता वीएम सिंह ने ट्वीट किया कि किसान पिटता रहे, शोषण होता रहे शायद सरकारें यही चाहती हैं । किसान शांत रहेगा तो हक मिलेगा नहीं। आंदोलन करता है तो जेल ओर गोलियों से सरकार दमन कर रही है। किसानों के लिए आपातकाल जैसी स्थिति हो गई है।

किसान नेता अजय राणा ने एएनआई से कहा, “आज हमारा जो आंदोलन था इनके वादों को लेकर था। मोदी सरकार ने जो वादे किए थे कि हम स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करेंगे, उस वादाखिलाफी को लेकर था।”

उन्होंने कहा कि किसानों को पीड़ा बहुत दी, लेकिन उसका कोई कोई हल नहीं निकाला।

 राष्ट्रीय किसान महासंघ के आह्वान पर 23 फरवरी को किसानों की ओर से देशव्यापी आंदोलन 'दिल्ली का घेराव'  का प्रयास किया जा रहा है। संगठन द्वारा किसानों के पैदल ही दिल्ली की तरफ कूच करने की बात कही जा रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा, पंजाब, राजस्थान के किसान ट्रैक्टर ट्रालियों से दिल्ली का घेराव करेंगे, दक्षिण भारत और छत्तीसगढ़ के किसान अपने राज्यों की राजधानियों में विरोध दर्ज करा रहे हैं और मध्यप्रदेश, केरल, कर्नाटक, जम्मू कश्मीर व तमिलनाडु के किसान हरियाणा के पलवल से किसान यात्रा प्रारंभ कर और दिल्ली की तरफ कूच करने का प्रयास कर रहे हैं।

 

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