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भारत-चीन तनाव पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक आज, आप, राजद, एआइएमआइएम को नहीं बुलाया

भारत और चीन के सैनिकों के बीच सोमवार को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में देश के 20 जवान शहीद हो गए। इस...
भारत-चीन तनाव पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक आज, आप, राजद, एआइएमआइएम को नहीं बुलाया

भारत और चीन के सैनिकों के बीच सोमवार को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में देश के 20 जवान शहीद हो गए। इस तनाव के बाद से देश में गुस्से का माहौल है। इस बीच चीन विवाद को लेकर चर्चा करने के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें राजनीतिक दलों के अध्यक्ष शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि इस बैठक में कुल 17 राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं।

बता दें कि लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए भारतीय जवानों के बाद पैदा हुए हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बैठक बुलाई है।

पीएमओ ने किया ट्वीट

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से शुक्रवार को ट्वीट कर बताया गया है कि  भारत और चीन के सीमा क्षेत्रों में हालात को लेकर चर्चा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जो 19 जून को अपराह्न 5 बजे होगी। इस डिजिटल बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के अध्यक्ष शामिल होंगे।

 इन पार्टियों को नहीं बुलाया

हालांकि इस बैठक में कई क्षेत्रीय दल ऐसे भी हैं जिनको आमंत्रित नहीं किया गया है। बैठक में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM)  को भी न्योता नहीं दिया गया है। आरजेडी और आम आदमी पार्टी ने ट्वीट के जरिये अपनी नाराजगी जाहिर की है। आरजेडी और आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया है। 

बैठक में ये नेता होंगे शामिल

बैठक में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, शिवसेना के प्रमुख और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सीपीआइ-एम के महासचिव सीताराम येचुरी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, जदयू अध्यक्ष, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डीएमके के अध्यक्ष एमके स्टालिन सर्वदलीय बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल होंगे। 

बैठक के लिए निमंत्रण न मिलने पर तेजस्वी ने जताई नाराजगी 

सर्वदलीय बैठक में नहीं बुलाए जाने को लेकर राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने पूछा है कि आखिरकार सर्वदलीय बैठक में पार्टियों को न्योता देने का आधार क्या है? गुरुवार की देर रात आरजेडी के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा,“प्रिय रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय,सिर्फ ये जानना चाहता हूं कि गलवान घाटी मामले पर सर्वदलीय बैठक में पार्टियों को न्योता देने का पैमाना क्या है। किस आधार पर पार्टियों को बुलाया जा रहा है या फिर अलग रखा जा रहा है। क्योंकि हमारी पार्टी आरजेडी को अब तक कोई न्योता नहीं मिला है।”

 आरजेडी के नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने भी ट्वीट कर नाराजगी जाहिर की है। मनोज झा ने ट्वीट किया है, “आरजेडी 80 विधायकों के साथ बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है। पार्टी के पांच राज्यसभा सांसद हैं। आखिर किस कारण से सर्वदलीय बैठक से आरजेडी को दूर रखा गया’?

 संजय सिंह ने ट्वीट कर कही ये बात

 गुरुवार को आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता संजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, “केन्द्र में एक अजीब अहंकारग्रस्त सरकार चल रही है। आम आदमी पार्टी की दिल्ली में सरकार है, पंजाब में मुख्य विपक्षी पार्टी है, 4 सांसद हैं, लेकिन किसी महत्वपूर्ण विषय पर भाजपा को ‘आप’ की राय नहीं चाहिए। कल की बैठक में प्रधानमंत्री क्या बोलेंगे पूरे देश को इंतजार है।”

जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा- पीएम मोदी

चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में भारतीय जवानों की शहादत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा। उन्होंने चीन को चेतावनी देते हुए कहा था कि भारत किसी को उकसाता नहीं है, लेकिन अगर कोई हमें उकसाएगा, तो भारत के पास हर हाल में उचित जवाब देने की ताकत है। उन्होंने कहा कि भारत शांति चाहता है।

बुधवार को कोरोना वायरस पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले लद्दाख में भारत-चीन विवाद पर बात की थी। उन्होंने जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए स्पष्ट किया कि भारत की संप्रभुता और अखंडता से किसी भी हाल में समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा था, 'वैसे भारत शांति चाहता है, लेकिन किसी के उकसाने पर उचित जवाब देना भी जानता है।'

हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान शहीद

सोमवार रात पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन की सेना में हिंसक झड़प हुई थी, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए। चार जवानों की हालत गंभीर है। इस हिंसक झड़प में चीनी पक्ष को भी खासा नुकसान हुआ है। बताया जा रहा है कि उसके कम से कम 43 सैनिक जान गंवा चुके हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

वार्ता के बीच दोनों पक्षों में हुआ टकराव

पिछले महीने मई में पैगोंग त्सो (झील) से निकट भारत-चीन सैनिकों के बीच टकराव होने के बाद दोनों ओर की सेनाएं बातचीत कर रही हैं। भारत द्वारा पैगोंग त्सो के निकट फिंगर एरिया में रणनीतिक रूप से अहमियत रखने वाली एक सड़क बनाए जाने और गलवान घाटी में धारबुक-शायोक-दौलत बेग ओल्डी को जोड़ने वाली एक अन्य सड़क के निर्माण का चीन कड़ा विरोध कर रहा है। इसी वजह से हाल में तनाव की स्थिति पैदा हुई। भारत के लिए फिंगर एरिया गश्त करने के उद्देश्य से बहुत महत्वपूर्ण है। भारत ने सीमा क्षेत्र में चीन के विरोध के चलते किसी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को न रोकने का फैसला किया है। इसी बीच, सोमवार को जब भारतीय सैनिक गलवान घाटी में रूटीन गश्त के लिए गए तो चीन सैनिकों से सामना हो गया जो टकराव में तब्दील हो गया।

 

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