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चीन के साथ कमांडर स्तर की वार्ता के बाद सेना बोली- दोनों पक्षों में पीछे हटने को लेकर सहमति

चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्ते में जो खटास आई थी वो अब थोड़ी कम होती दिख रही...
चीन के साथ कमांडर स्तर की वार्ता के बाद सेना बोली- दोनों पक्षों में पीछे हटने को लेकर सहमति

चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प के बाद भारत और चीन के रिश्ते में जो खटास आई थी वो अब थोड़ी कम होती दिख रही है। गलवन घाटी के निकट चुशूल सेक्टर में चीन के मोल्डो सैन्य कैंप पर सोमवार को चीन और भारत के बीच कमांडर स्तर की वार्ता को लेकर सेना का बयान सामने आया है। सेना का कहना है कि दोनोंं पक्षों के बीच पीछे हटने को लेकर सहमति बनी है।

सेना ने कहा कि वार्ता काफी सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में हुई। दोनोंं पक्षों के बीच पीछे हटने को लेकर सहमति बनी। सेना ने कहा कि पूर्वी लद्दाख में टकराव वाले सभी क्षेत्रों से पीछे हटने के तौर तरीकों पर चर्चा की गई और दोनों पक्षों द्वारा इसे आगे बढ़ाया जाएगा। 

सूत्रों के अनुसार, सोमवार को हुई कोर कमांडर स्तर की मीटिंग सकारात्मक माहौल में हुई। भारत-चीन के अधिकारियों के बीच की इस बैठक में दोनों देशों के बीच तनाव कम करने पर सहमति बनी। भारत और चीन तनाव वाले क्षेत्र से सेना हटाने को लेकर सहमत थे। बैठक में तय हुआ कि पूर्वी लद्दाख में जिन-जिन जगहों पर भारत-चीन के बीच गतिरोध है वहां डिसइंगेजमेंट कैसे किया जाएगा। डिसइंगेजमेंट की प्रक्रिया पर आगे भी दोनों पक्ष के बीच बातचीत जारी रहने के संकेत मिले हैं।

इस बीच सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे आज से लद्दाख के दौरे पर हैं। वह 14 कॉर्प्स अधिकारियों के साथ ऑन-ग्राउंड स्थिति और चीनी सेना के साथ बातचीच की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

बता दें कि भारत और चीन के जवानों के बीच 15 जून की रात हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ झड़प के बाद भारतीय सेना ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर एंगेजमेंट के नियम बदल दिए हैं। बदले हुए नियमों के मुताबिक, अब फील्ड कमांडर 'असाधारण' परिस्थितियों में सेना को हथियार इस्तेमाल करने का आदेश दे सकते हैं।

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