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राज्य सभा उम्मीदवारों को लेकर योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण ने साधा केजरीवाल पर निशाना

सुशील गुप्ता और एन. डी. गुप्ता को आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने पर जहां कुमार...
राज्य सभा उम्मीदवारों को लेकर योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण ने साधा केजरीवाल पर निशाना

सुशील गुप्ता और एन. डी. गुप्ता को आम आदमी पार्टी की तरफ से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने पर जहां कुमार विश्वास नाराज हुए वहीं अरविंद केजरीवाल के पूर्व सहयोगियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

केजरीवाल के पूर्व सहयोगी योगेंद्र यादव ने कहा- पिछले तीन साल में मैंने ना जाने कितने लोगों को कहा कि अरविंद केजरीवाल में और जो भी दोष हों, कोई उसे ख़रीद नहीं सकता। इसीलिए कपिल मिश्रा के आरोप को मैंने ख़ारिज किया। आज समझ नहीं पा रहा हूँ कि क्या कहूँ? हैरान हूँ, स्तब्ध हूँ, शर्मसार भी।

दूसरी तरफ पार्टी के पूर्व नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने पार्टी की तरफ से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाए गए लोगों की योग्यता पर ही सवाल किया है।

भूषण ने ट्वीट किया कि 'आप' ने जिन लोगों को राज्यसभा का टिकट दिया है, उनकी लोकसेवा के क्षेत्र में कोई विशिष्ट पहचान नहीं है और न ही वे किसी भी क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं, जिन्हें राज्यसभा भेजा जाए। भूषण ने आगे लिखा कि वॉलनटिअर्स की आवाज को नजरअंदाज करना यह दिखाता है कि पार्टी का अब पूरी तरह से पतन हो चुका है।

'आप' के पूर्व नेता कपिल मिश्रा ने राजघाट में उपवास व मौन व्रत की बात कह डाली। कपिल मिश्रा ने पार्टी पर पैसे वालों को टिकट देने का आरोप लगाया है। मिश्रा ने कहा कि अब जाहिर हो गया है कि राज्यसभा कैसे जाते हैं। 

वहीं मयंक गांधी ने पार्टी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

कुमार विश्वास ने जताई नाराजगी

राज्यसभा ना भेजे जाने से नाराज कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर सीधा हमला बोला है। कुमार ने कहा कि मुझे सर्जिकल स्ट्राइक, टिकट वितरण में गड़बड़ी, जेएनयू समेत अन्य मुद्दों पर सच बोलने के लिए मुझे दंडित किया गया है। मैं इस दंड को स्वीकार करता हूं।

प्रतिक्रिया देते हुए कुमार ने कहा कि सब अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। आप अपनी लड़ रहे हैं, मैं अपनी लड़ रहा हूं। मैं बहुत शुभकामाएं देता हूं जिनको रामलीला मैदान के लिए चुना है। मैं अरविंद और पूरी पार्टी जिन लोगों ने तय किया है उनको बधाई देता हूं। 

बता दें कि तीनों सीटों के लिए 16 जनवरी को चुनाव होंगे जिसके लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख पांच जनवरी है। 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी के 66 विधायक हैं जिसके कारण तीनों सीटों पर आप के उम्मीदवारों का जीतना भी तय है।

आप नेता कुमार विश्वास और आशुतोष का नाम भी चर्चा में था लेकिन कुमार विश्वास ने जिस तरह पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश की उसके चलते पार्टी ने उन्हें टिकट ना देने का मन बनाया। विश्वास के समर्थक आप दफ्तर के बाहर धरने तक पर बैठ गए थे। आशुतोष का टिकट भी इस नाते तय नहीं हो पाया ताकि विश्वास समर्थक दबाव ना बना सके। पार्टी से बाहर के नाम तय करना मकसद अंदरूनी गुटबाजी खत्म करना माना जा रहा है।

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