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370 और सीएए के बाद ये है भाजपा का नया प्लान, यूपी और असम से मिल रहे हैं संकेत

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता कानून में बदलाव करने के बाद अब भाजपा एक और बड़ा कदम उठाने...
370 और सीएए के बाद ये है भाजपा का नया प्लान, यूपी और असम से मिल रहे हैं संकेत

जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और नागरिकता कानून में बदलाव करने के बाद अब भाजपा एक और बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। भाजपा शासित राज्यों से इसके संकेत भी मिलने लगे हैं। दरअसल इन दोनों राज्यों में चर्चा है कि राज्य सरकार यहां दो बच्चों की नीति ला सकती है। जानकारी के मुताबिक राज्य विधि आयोग ने उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून का मसौदा बनाना शुरू कर दिया है। दूसरी ओर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने भी शनिवार को कहा कि राज्य सरकार कुछ विशेष सरकारी योजनाओं का लाभ देने में दो बच्चा नीति लागू करेगी। यह काम क्रमवार तरीके से किया जाएगा।

संवाददाताओं से असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित जनसंख्या नियंत्रण नीति को असम की सभी योजनाओं में फौरन लागू नहीं किया जाएगा, क्योंकि कई योजनाएं केंद्र की सहायता से चलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा, कुछ योजनाओं में हम दो बच्चा नीति को लागू नहीं कर सकते। जैसे-स्कूलों और कालेजों में मुफ्त नामांकन या प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान देने में इसे लागू नहीं किया जा सकता। लेकिन, अगर राज्य सरकार की ओर से कोई आवास योजना लागू की जाती है तो उसमें दो बच्चा नीति को लागू किया जा सकता है। आगे चलकर धीरे-धीरे जनसंख्या नीति को राज्य सरकार की हर योजना में लागू किया जाएगा।

वहीं उत्तर प्रदेश विधि आयोग फिलहाल राजस्थान व मध्य प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में लागू कानूनों के साथ सामाजिक परिस्थितियों व अन्य बिंदुओं पर अध्ययन कर रहा है। जल्द वह अपना प्रतिवेदन तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगा।

एनबीटी के मुताबिक, विधि आयोग के अध्यक्ष आदित्यनाथ मित्तल ने कहा कि जनसंख्या एक विस्फोटक चरण के करीब है। बढ़ती हुई जनसंख्या के चलते अन्य मुद्दे भी पैदा हो रहे हैं। अस्पताल, खाद्यान्न, घर या रोजगार से संबंधित समस्याओं का सामना यूपी के लोगों को करना पड़ रहा है।आदित्यनाथ मित्तल ने कहा कि हमारा मानना है कि जनसंख्या पर नियंत्रण होना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम यूपी में यह संदेश नहीं देना चाहते कि हम किसी धर्म विशेष या किसी के मानवाधिकारों के खिलाफ हैं। हम बस यह देखना चाहते हैं कि सरकारी संसाधन और सुविधाएं उन लोगों को उपलब्ध हों जो जनसंख्या नियंत्रण में मदद कर रहे हैं और योगदान दे रहे हैं। विधि आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण परिवार नियोजन से अलग है। उन्होंने कहा कि कानून बनाए जाने को लेकर आयोग ने देश के अन्य राज्यों में लागू कानूनों व अन्य सामाजिक परिस्थितियों को लेकर अध्ययन करना शुरू कर दिया है।

वहीं अब दो से अधिक बच्चे पैदा करने वाले को वोट देने का अधिकार खत्म होना चाहिए जैसी मांगे भी उठने लगी हैं। साधु संतो की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी नेयोगी सरकार जनसंख्या नियंत्रण के लिए तैयार किए जा रहे कानूनी मसौदे का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि दो से अधिक बच्चे पैदा करने वाले व्यक्ति को देश में वोट देने का अधिकार खत्म होना चाहिए।

परिषद के अध्यक्ष महंत गिरि ने सोमवार को कहा कि साधु संत पहले से ही ये मांग करते आए हैं कि देश में लगातार बढ़ रही जनसंख्या पर नियंत्रण होना चाहिए। जनसंख्या वृद्धि को कानून लाकर रोका नहीं गया तो आने वाले दिनों में बड़ा जनसंख्या विस्फोट हो सकता है। जनसंख्या नियंत्रण कानून के तहत यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी समुदाय को जनसंख्या नियंत्रण पर ध्यान देना चाहिए। जनसंख्या नियंत्रण से आने वाली अनेकों समस्याओं से निजात मिलेगी। महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले व्यक्ति को भारत में वोट देने का अधिकार खत्म कर देना चाहिए और सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित किया जाना चाहिए। ऐसे लोगों का वोटर कार्ड और आधार भी नहीं बनना चाहिए। इसके साथ ही साथ ऐसे लोगों को सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से भी वंचित किया जाना चाहिए।

 

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