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राफेल की तरह गुजरात पेट्रोलियम में भी घोटाला ः कांग्रेस

कांग्रेस ने राफेल डील की तरह गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) में भी घोटाले का आरोप सरकार...
राफेल की तरह गुजरात पेट्रोलियम में भी घोटाला ः कांग्रेस

कांग्रेस ने राफेल डील की तरह गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (जीएसपीसी) में भी घोटाले का आरोप सरकार पर लगाया है। सोमवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए पार्टी सांसद जयराम रमेश ने कहा कि नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने जीएसपीसी को मॉडल की तरह पेश किया था। लेकिन, जीएसपीसी दिवालिया हो चुका है। उन्होंने कहा कि जीएसपीसी को बचाने के लिए केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में रिजर्व बैंक के खिलाफ हलफनामा दिया है। 70 साल में पहली बार आरबीआई के खिलाफ केंद्र सरकार अदालत में गई है।

दिवालिया घोषित करे एसबीआई

रमेश ने कहा कि आरबीआई ने इस साल 12 फरवरी को सर्कुलर जारी कर 180 दिनों के भीतर उन कंपनियों को दिवालिया घोषित करने को कहा था जिन पर बैंकों का 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। जीएसपीसी पर सबसे ज्यादा बकाया एसबीआई का है और उसे दिवालिया घोषित करने की समय सीमा आज समाप्त हो रही है। उन्‍हाेेंने कहा क‌ि प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते देश को एक नया सपना दिखाया था। कृष्णा गोदावरी बेसिन में प्राकृतिक गैस का भंडार मिलने पर 26 जून 2005 को उस प्राकृतिक गैस भंडार का नाम दीनदयाल उपाध्याय भंडार रखने का ऐलान किया था। 2007 के चुनाव अभियान में मोदी जी कहा करते थे कि गुजरात में अगर आप नल खोलोगे तो पानी नहीं निकलेगा, उस नल से तेल और गैस निकलेगी। लेकिन, 13 साल बाद यह सामने आ चुका है कि गैस निकालने में कामयाबी नहीं मिली और 20,000 करोड़ रुपये का घोटाला हो गया।

कैग रिपोर्ट का हवाला

रमेश ने बताया कि गुजरात विधानसभा में जीएसपीसी पर 31 मार्च 2015 और 31 मार्च 2016 को कैग की रिपोर्ट पेश की गई। इसके मुताबिक जीएसपीसी ने 15 बैंकों से 20,000 करोड़ रुपये लिए। ठेके, कॉन्ट्रेक्ट पसंदीदा कंपनियों को दिए। काफी फैसा खर्च किया गया पर गैस नहीं निकली। अब जीएसपीसी बैंकों को पैसा वापस लौटाने की स्थिति में नहीं है। पिछले साल अगस्त में प्रधानमंत्री के दबाव में ओएनजीसी को जीएसपीसी का प्राकृतिक गैस ब्लॉक खरीदना पड़ा था जिससे जीएसपीसी को करीब 8,000 करोड़ रुपए मिले। लेकिन, बैंकों का 12,000 करोड़ रुपया अभी भी लौटाना बाकी है। 

उन्‍हाेेंने कहा क‌ि जीएसपीसी ने पिछले महीने एसबीआई को 15 पन्नों का एक दस्तावेज सौंपा था। इसमें जीएसपीसी ने माना है कि वह पैसा लौटाने की स्थिति में नहीं है। उसने कर्ज माफ करने या गुजरात सरकार की विभिन्न कंपनियों में बांटकर कर्ज के पुर्नगठन का प्रस्ताव दिया है। 

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