कुठआ में तीन आतंकवादियों को पकड़ने के लिए कई एजेंसियों ने एक साथ मंगलवार को फिर से अभियान शुरू किया। पंजतीर्थी-बरोटा में सोमवर रात हुई मुठभेड़ के बाद आतंकवादियों के जंगल में छिपे होने की आशंका है। घटना के बाद इलाके को घेर लिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि ऐसा माना जा रहा है कि ये आतंकवादी उसी समूह का हिस्सा हैं जिनकी 23 मार्च को अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट नर्सरी क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ हुई थी। ये सभी आतंकवादी मौके से भाग निकले थे।
जंगल में छिपे आतंकवादियों के बार-बार अपना स्थान बदलने के कारण सुरक्षा बलों ने उन्हें पकड़ने के लिए बहु-एजेंसी अभियान शुरू किया है।
सूत्रों ने सोमवार देर रात बताया कि सोमवार सुबह से ही तलाश अभियान तेज कर दिया गया। हवाई निगरानी की गई और श्वान दस्ते को तैनात किया गया। देर शाम सुरक्षाबलों और आतंकवादियों का फिर आमना-सामना हुआ। जंगल में छिपे तीनों आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए रात में ही इलाके की घेराबंदी की गई।
अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों का पता लगाने और उनका खात्मा करने के लिए अभियान मंगलवार को फिर शुरू किया गया। इलाके में घेराबंदी को बढ़ाया गया है ताकि आतंकवादियों को भागने से रोका जा सके।
सेना के ‘राइजिंग स्टार कोर’ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी, ‘‘ मंगलवार सुबह की पहली किरण के साथ ही तलाश अभियान शुरू कर दिया गया... अभियान जारी है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर भारतीय सेना, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने पंजतीर्थी कठुआ में मोर्चा संभाल लिया है। 31 मार्च की रात को संदिग्ध गतिविधि देखी गई, जिसके बाद गोलीबारी हुई थी।’’