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राहुल-प्रियंका मनाते रहे, सिद्धू ने फिर कैप्टन के खिलाफ शुरू कर दी जंग, जानें क्या है माजरा

इन दिनों उत्तर भारत में पड़ रही जबरदस्त गर्मी के बीच पंजाब में बिजली का संकट पैदा हो गया है और अब इस संकट...
राहुल-प्रियंका मनाते रहे, सिद्धू ने फिर कैप्टन के खिलाफ शुरू कर दी जंग, जानें क्या है माजरा

इन दिनों उत्तर भारत में पड़ रही जबरदस्त गर्मी के बीच पंजाब में बिजली का संकट पैदा हो गया है और अब इस संकट ने शुक्रवार को बड़ा रूप ले लिया। बेतहाशा गर्मी एवं उमस के बीच राज्य में बड़े पैमाने पर बिजली की कटौती की जा रही है। इस संकट को लेकर कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने एक बार फिर खुलकर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा है। सिद्धू ने लगातार कई ट्वीट करते हुए पंजाब में बिजली संकट पर सवाल खड़े किए और कहा है कि सही दिशा काम किया जाए तो बिजली कटौती की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।

कैप्टन अमरिंदर पर सिद्धू का निशाना

सिद्धू ने ट्वीट करते हुए कहा, ”अगर हम सही दिशा में काम करते हैं तो पंजाब में बिजली कटौती की जरूरत ही नहीं है और न ही मुख्यमंत्री को सरकारी कार्यालयों की समय बदलने और एयर कंडिशनर चलाने को मैनेज करने की जरूत पड़ेगी।”

सिद्धू ने कहा, “पंजाब 4.54 रुपए प्रति यूनिट की औसत लागत पर बिजली खरीद रहा है। राष्ट्रीय औसत 3.85 रुपए है और चंडीगढ़ में 3.44 रुपए प्रति यूनिट पर बिजली खरीदी जाती है। पंजाब को बिजली खरीदने के लिए 3 प्राइवेट थर्मल प्लांट पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है और 5-8 रुपए प्रति यूनिट पर बिजली खरीदनी पड़ती है जो बाकी राज्यों से ज्यादा हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “बादल सरकार ने 3 प्राइवेट थर्मल प्लांट के साथ बिजली खरीद समझौते (पीपीए) एग्रीमेंट साइन किया। इस एग्रीमेंट में गलत क्लॉज के कारण साल 2020 तक पंजाब सरकार पहले ही 54 हजार करोड़ रुपए का भुगतान कर चुकी है और पंजाब के लोगों के 65 हजार करोड़ रुपए का भुगतान फिक्स्ड चार्ज के रूप में कर सकती है।”

शिअद-बसपा का प्रदर्शन

राज्य में जारी बिजली संकट पर शिअद और बसपा ने अमरिंदर सरकार पर निशाना साधा। रोपड़ में शिअद और बसपा कार्यकर्ता बिजली कटौती के खिलाफ सड़क पर उतरे और हाथ से बने पंखे चलाकर अपना विरोध जताया।

अमित मालवीय ने कांग्रेस को घेरा

भाजपा के आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने कहा कि पंजाब में 'पावर की लड़ाई में राज्य पवार लेस हो गया है।' भाजपा नेता ने कहा कि पंजाब जैसा हाल राजस्थान और छत्तीसढ़ में भी है।

कांग्रेस के शासन में पंजाब की हालत बुरी'

शिअद नेता हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि आज पंजाब के कोने-कोने में 10-12 घंटे बिजली के कट लग रहे हैं। जिस समय हमारे चावल की बिजाई होनी है। सारी नहरें सूखी हुई हैं, बिजली बंद है। सारा पंजाब सड़कों पर उतरा हुआ है। ये बिजली की सब्सिडी का बिल बचाने के लिए किया जा रहा है।

सीएम कैप्टन अमरिंद सिंह ने की अपील

इससे पहले सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकारी कार्यालयों में बिजली का सही तरीके से इस्तेमाल करने की अपील की थी। सीएम ने कहा कि स्थिति विकट है क्योंकि राज्य में बिजली की अधिकतम मांग 14500 मेगावाट तक पहुंच गई है। एक उच्च स्तरीय बैठक में स्थिति की समीक्षा करते हुए सीएम ने बिजली विभाग के आंदोलनकारी कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।

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