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अखिलेश कैबिनेट का सातवां विस्‍तार, बलराम यादव की दोबारा एंट्री, शिवपाल हुए नाराज

उत्‍तर प्रदेश में अखिलेश यादव की कैबिनेट का सोमवार को सातवां विस्तार हुआ। नए मंत्रियों को सुबह 11 बजे राजभवन में राज्यपाल राम नाइक ने शपथ दिलाई। कुछ दिनों पहले बर्खास्त किए गए मंत्री बलराम यादव को फिर मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया है। इसके अलावा नारद राय, जियाउद्दीन रिजवी, रविदास मेहरोत्रा और शारदा प्रसाद शुक्ल मंत्री बने हैं। मुख्‍तार अंसारी प्रकरण और अब बलराम यादव के दोबारा कैबिनेट में प्रवेश के बाद अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव नाराज बताए जा रहे हैं।
अखिलेश कैबिनेट का सातवां विस्‍तार, बलराम यादव की दोबारा एंट्री, शिवपाल हुए नाराज

कैबिनेट मंत्री के रूप में बर्खास्त रहे बलराम यादव के साथ नारद राय ने कैबिनेट मंत्री के रुप में शपथ ली। लखनऊ के शारदा प्रताप शुक्ला तथा रविदास मेहरोत्रा राज्यमंत्री बनेंगे। इनके अलावा बलिया के जियाउद्दीन रिजवी पहली बार मंत्री बनेंगे। रिजवी बाद में शपथ लेंगे। विस्तार से ठीक पहले मनोज पांडेय को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यूपी मंत्रिमंडल का यह आखिरी विस्तार कहा जा रहा है। इसे चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। मंत्री का पद चुनाव को ध्यान में रखकर ही किया गया है। हालांकि, मुख्यमंत्री से नाराज उनके चाचा और मंत्री शिवपाल सिंह यादव शपथ ग्रहण समारोह में नहीं आए। इसे लेेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।

यूपी की सवा चार साल पुरानी अखिलेश सरकार का यह सातवां मत्रिमण्डल विस्तार है। विस्‍तार को लेकर बलराम यादव सबसे ज्‍यादा चर्चा मेंं थे। मुख्तार अंसारी की पार्टी को सपा में विलय कराने के क्रम में उन पर मुख्य भूमिका निभाने का आरोप था। जिसके बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। लेकिन विस्‍तार में उन्‍हेंं दोबारा शामिल कर लिया गया।

खबर है कि शिवपाल यादव कैबिनेट विस्तार के बाद नाराज हैं। अंसारी के कौमी एकता दल के सपा में हुए विलय के बाद हुई किरकिरी से वे पार्टी और अखिलेश यादव से नाराज हैं। शिवपाल ने ही अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का सपा में विलय कराया था। बाद में अखिलेश ने विलय रद्द कर दिया था।

 

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