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छत्तीसगढ़: 97,106 करोड़ के बजट में नया कर नहीं, किसानों को 5,900 करोड़ का कर्ज, नक्सलियों से लड़ने के लिए नई फोर्स

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 97,106 करोड़ रुपए का बजट पेश किया।...
छत्तीसगढ़: 97,106 करोड़ के बजट में नया कर नहीं, किसानों को 5,900 करोड़ का कर्ज, नक्सलियों से लड़ने के लिए नई फोर्स

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 97,106 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। इसमें किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं है। बजट में 38 फ़ीसदी प्रावधान सामाजिक क्षेत्र के लिए, 39 फ़ीसदी आर्थिक क्षेत्र के लिए और 23 फ़ीसदी सामान्य सेवाओं के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की अवधारणा पर आधारित इस बजट की व्याख्या हाइट (HEIGHT) से की जा सकती है। यहां एच का मतलब सर्वांगीण विकास, ई का शिक्षा और सबको समान अवसर, आई का इंफ्रास्ट्रक्चर, जी का गवर्नेंस, एच का हेल्थ और टी का मतलब ट्रांसफॉरमेशन यानी बदलाव है।

कृषिः किसानों को 5,900 करोड़ रुपए का कर्ज

मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए इसे कृषि के बराबर दर्जा दिया जाएगा। इसके लिए 171.20 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। किसानों को 5,900 करोड़ रुपए का अल्पकालिक कृषि कर्ज वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के लिए 5,703 करोड़, कृषक जीवन ज्योति योजना के लिए 2,500 करोड़ और गोधन न्याय योजना के लिए 175 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण इलाकों के भूमिहीन कृषि मजदूरों की मदद के लिए एक नई न्याय योजना शुरू की जाएगी। 36,000 हेक्टेयर में उजड़ते वनों को दोबारा खड़ा करने के लिए 206 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। नई सिंचाई योजनाओं के लिए 300 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

शिक्षाः 119 इंग्लिश मीडियम स्कूल खोले जाएंगे

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना के तहत 119 स्कूल स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का बोर्डिंग स्कूल भी स्थापित किया जाएगा। यह सेल्फ फाइनेंसिंग मॉडल पर आधारित होगा। इनके अलावा मुख्यमंत्री ने 7 नए कॉलेज और तीन महिला कॉलेज की स्थापना, 14 कॉलेजों में ग्रेजुएशन और 15 में पोस्ट ग्रेजुएशन कोर्स शुरू करने, 9 बालक और 9 कन्या छात्रावास की स्थापना, नए कॉलेज भवनों के निर्माण और दो नए आईटीआई की स्थापना की भी घोषणा की। कांकेर, कोरबा और महासमंद में नए मेडिकल कॉलेज की बिल्डिंग बनाने के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

उद्योगः पंडरी रायपुर में 350 करोड़ रुपए से जेम्स-ज्वेलरी पार्क

पंडरी रायपुर में जेम्स एवं ज्वेलरी पार्क की स्थापना की जाएगी। इसके लिए 350 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। विशिष्ट क्रिएटिव आर्ट को रोजगार के अवसरों में बदलने के लिए ग्रामीण औद्योगिक पार्क बनाए जाएंगे। ये औद्योगिक पार्क शहरों में पौनी पसारी योजना की तर्ज पर होंगे। इन पार्कों में पारंपरिक बिजनेस गतिविधियां चलाने और मार्केटिंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी। पारंपरिक ग्रामीण व्यावसायिक कौशल को पुनर्जीवित करने के लिए 4 नए विकास बोर्डों का गठन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के व्यंजनों, वनोपज और अन्य उत्पादों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने के लिए सी मार्ट स्टोर स्थापित किए जाएंगे।

नक्सलः बस्तर टाइगर्स नाम से नई स्पेशल फोर्स का गठन

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल विरोधी ऑपरेशन को मजबूत करने के लिए बस्तर डिवीजन के सात जिलों में बस्तर टाइगर्स नाम से नई स्पेशल फोर्स का गठन किया जाएगा। इसमें स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिलेगी। 28 सौ लोगों की भर्तियों के लिए 92 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है। नक्सल प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में 104 सड़क और 116 पुल बनाने के लिए 12 करोड़ रुपए दिए गए हैं।

भारत भवन की तर्ज पर नवा रायपुर में सांस्कृतिक केंद्र

भोपाल के भारत भवन की तर्ज पर नवा रायपुर में एक सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण किया जाएगा। श्री राम वन गमन पर्यटन परिसर के लिए 30 करोड़ दिए गए हैं। 11 नई तहसीलों और 5 नए अनुविभागों की स्थापना की जाएगी। कन्या छात्रावास और आश्रमों में महिला होमगार्ड रखने के लिए 2200 नए पद सृजित किए गए हैं। दूसरी संतान बेटी होने पर कौशल्या मातृत्व योजना के अंतर्गत महिलाओं को 5000 रुपए की सहायता दी जाएगी। पटवारियों के मासिक स्टेशनरी भत्ते में 250 रुपए की वृद्धि की गई है। स्वच्छता दीदियों का मानदेय 5000 से बढ़ाकर 6000 किया गया है। शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.5 फीसदी रहने का अनुमान

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2020-21 के लिए 1,05,213 करोड़ रुपए कुल खर्च का प्रावधान है। इसमें से लोन की किस्त आदि का भुगतान घटाने के बाद शुद्ध खर्च 97,106 करोड़ रुपए का बनता है। इसमें राजस्व खर्च 8,3028 करोड़ और पूंजीगत खर्च 13,839 करोड़ रुपए है। पूंजीगत खर्च कुल व्यय का 14 फ़ीसदी है। अगले वित्त वर्ष में 79,325 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्ति का अनुमान है। इसमें राज्य की अपनी प्राप्तियां 35 हजार करोड़ रुपए होंगी और केंद्र से 44,325 करोड रुपए मिलने का अनुमान है। राजस्व घाटा 3702 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है। राजकोषीय घाटा 17,461 करोड़ रुपए रहेगा जो राज्य की कुल जीडीपी का 4.5 फीसदी है।

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