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फेसबुक पोस्ट को लेकर मणिपुरी पत्रकार एक महीने से जेल में बंद

मणिपुरी के 39 वर्षीय टीवी पत्रकार किशोर चंद्रा वांगखेम एक महीने से अधिक समय से इम्फाल जेल में बंद...
फेसबुक पोस्ट को लेकर मणिपुरी पत्रकार एक महीने से जेल में बंद

मणिपुरी के 39 वर्षीय टीवी पत्रकार किशोर चंद्रा वांगखेम एक महीने से अधिक समय से इम्फाल जेल में बंद हैं। वांगखेम को एक फेसबुक पोस्ट को लेकर गिरफ्तार किया गया है। दो समुदायों के बीच दुश्मनी भड़काने के आरोप में वांगखेम को 29 सितंबर को दूसरी बार गिरफ्तार किया गया था। वो वर्तमान में ईस्ट इम्फाल के सजीवा सेंट्रल जेल में बंद हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चंद्रा को एक हाई-प्रोफाइल भाजपा राजनेता की पत्नी द्वारा किए गए एक वायरल सोशल मीडिया पोस्ट के जवाब के लिए गिरफ्तार किया गया था। ये पोस्ट कथित तौर से अपमानजनक टिप्पणी और भाजपा नेता के करीबी एक महिला द्वारा की गई टिप्पणी के जवाब में था। भाजपा नेता की पत्नी राज्य के एक अलग मणिपुरी जनजाति मारम समुदाय से आती हैं।

चंद्रा की पत्नी रंजीता एलंगबाम के मुताबिक बीजेपी राजनेता की करीबी महिला द्वारा कथित पोस्ट पर आंखें मूंदने वाली पुलिस ने अचानक से किशोर चंद्रा के पोस्ट पर कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अनुरोधों के बावजूद भी किशोर चंदा को चार सप्ताह से अधिक समय बाद भी जमानत का अभी भी इंतजार है। रंजीता ने दावा किया कि इस पूरे प्रक्रम में राजनीतिक दबाव है जिसके कारण गिरफ्तारी की गई है। आउटलुक से बातचीत में पत्रकार चंद्रा की पत्नी रंजीता ने कहा कि वो जल्द हीं हाईकोर्ट का रूख करेंगी।  

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह बुधवार को अर्नब गोस्वामी की हुई गिरफ्तारी की निंदा की,जिस पर चिंता जाहिर करते हुए पत्नी रंजीता ने कहा कि ये निंदनीय है। वो बताती हैं कि बिरेन सिंह सरकार ने अपने राज्य में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की हत्या की है और वो गोस्वामी की गिरफ्तारी पर चिंता जता रहे हैं, जो विवादास्पद है।

इससे पहले, अप्रैल 2019 में किशोर चंद्र को मुख्यमंत्री के खिलाफ उनके बयान के लिए राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने झांसी की रानी को इम्फाल में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के लिए मनाने के अपने फैसले की निंदा की थी और आरोप लगाया था कि रानी लक्ष्मीबाई का मणिपुर से कोई लेना-देना नहीं था।

 

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