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ODOP योजना शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी, राष्ट्रपति करेंगे शुरुआत

उत्तर प्रदेश में अरसे से उपेक्षा के शिकार सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों के दिन बहुरने वाले हैं। प्रदेश...
ODOP योजना शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना यूपी, राष्ट्रपति करेंगे शुरुआत

उत्तर प्रदेश में अरसे से उपेक्षा के शिकार सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों के दिन बहुरने वाले हैं। प्रदेश सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों की तकदीर में मील का पत्थर साबित होगी। यूपी के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि जिले स्तर पर बनने वाले विभिन्न उत्पादों को ओडीओपी योजना के तहत एक छत के नीचे मार्केटिंग, ब्रांडिंग और ई कामर्स कंपनियों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। साथ ही यूपी सरकार पहली बार उद्यमियों के लिए क्लस्टर स्कीम भी लाने जा रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में उद्यमियों के लिए रेड कारपेट बिछा दिया है। औद्योगिक निवेश को बढ़ाने के लिए इंवेस्टर समिट के माध्यम से चार लाख 28 हजार करोड़ रुपए के एमओयू हुए। हाल ही में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 60 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुभारंभ और लोकार्पण भी किया, लेकिन प्रदेश में लंबे समय से सरकारी उपेक्षा के कारण एमएसएमई सेक्टर काफी पिछड़ गया था। सरकारी सहयोग के नाम पर मात्र कुछ योजनाओं के तहत ही चुनिंदा उद्यमियों को लाभ मिलता था।

प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एमएसएमई सेक्टर को पुनर्जिवित करने के लिए एक जिला, एक उत्पाद योजना लागू करने की घोषणा की। इस योजना को कल (शुक्रवार) लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अमलीजामा पहनाने जा रहे हैं। इस अवसर पर उद्यमियों को बैंकों की ओर से एक हजार छह करोड़ रुपए के लोन भी दिए जाएंगे। साथ ही ओडीओप की वेबसाईट https://www.odop.in और कॉल सेंटर 18001800888 का शुभारंभ किया जाएगा। कॉल सेंटर के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को उद्योग शुरू करने के लिए जानकारी देने के साथ-साथ उद्योग स्थापना में भी मदद की जाएगी। तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी और 268 स्टॉल लगाए जाएंगे। इसके अलावा एमएसएमई उद्यमियों के लिए बाम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से पूंजी जुटाने के लिए भी सरकार की ओर से मदद की जाएगी। विभिन्न उद्योगों के टेक्नालॉजी अपग्रेडेशन के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया भी मदद करेगी।

एमएसएमई के आयुक्त एवं निदेशक के रविन्द्र नायक ने बताया कि सरकार की ओर से जल्द ही ओडीओपी ऐप भी लांच कर दिया जाएगा। इसमें विभिन्न प्रकार के साढ़े तीन सौ प्रोजेक्ट रिपोर्ट शामिल होंगी। इसे कोई भी मुफ्त में डाउनलोड कर उद्योग लगाने के लिए शुरूआती चरण में आने वाली समस्याओं से निजात पा सकता है। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से की जाने वाले खरीद के लिए उद्यमियों को जेम पोर्टल पर रजिस्टर्ड कराया जा रहा है।

एमएसएमई के सचिव भुवनेश कुमार का कहना है कि उद्यमियों के लिए जल्द ही चार और स्कीम की शुरूआत की जाने वाली है। इसके अलावा नीचले स्तर पर उद्यमियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग में डिजिटलाइजेशन पर जोर दिया जा रहा है। ओडीओपी में हर जिले के एक उत्पाद को लिया गया है। साथ ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से एक्सपर्ट्स की भी मदद ली जाएगी। इसके अलावा क्लस्टर योजना में सरकार की ओर से 90 या 80 फीसदी का योगदान दिया जाएगा और इसी प्रकार से 10 या 20 फीसदी का योगदान स्पेशल पर्पज ऑफ व्हीकल (एसपीवी) का रहेगा। क्लस्टर का संचालन बाधित ना हो, इसलिए जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को भी कमेटी रखा गया है।  

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