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क्या आप भी जानना चाहते हैं 'चोटियां काटने का सच' तो सुनें गायक बिसरु का ये गीत

एक ओर जहां दिल्ली-एनसीआर के गांवों में महिलाओं की चोटी काटे जाने की घटनाएं दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं, तो वहीं अरशद खान बिसरू नामक गायक ने इस तरह की घटना पर एक गीत की रचना की है।
क्या आप भी जानना चाहते हैं 'चोटियां काटने का सच' तो सुनें गायक बिसरु का ये गीत

बता दें कि अरशद खान बिसरू नामक इस गायक के स्वरचित इस गीत को पिछले तीन दिनों में यू-ट्यूब पर लाखों बार देखा जा चुका है। अरशद खान बिसरु ने 'चोटियां काटने का सच' गाना बीते रविवार को रिलीज किया था। 

बिसरू के गाने के बोल इस प्रकार है, 'बाल कटन दा दौर चला है बच के रहियो लाली'। इसके बाद बिसरू ने बाल काटने वाले के लिए गाया, 'लंबे-लंबे सिंग हैं उसके, शक्ल बड़ी बदसूरत है।' पिछले 8 सालों से इस इंडस्ट्री में संघर्ष कर रहे बिसरु इस गाने के बाद रातोंरात स्टार बन गए। ये पहली बार नहीं है जब बिसरु ने इस तरह की घटनाओं को लेकर गायन किया है, इससे पहले भी बिसरु ने 'मुसलमान संभल जाओ क़ायमत अनी वाली है', फांसी दे दो चाचा पहलू के दुश्मन को जैसे विषयों पर गाने गाए हैं। इसके अलावा बिसरु ने जुनैद हत्याकांड पर भी एक गजल गाई है।   

गौरतलब है कि पलवल के बाद दिल्ली-एनसीआर में भी चोटी काटने का आतंक दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं और बच्चियों की चोटी काटने के 11 और मामले सामने आने से दहशत का माहौल बन गया है।

दरअसल, हरियाणा और दिल्ली के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से चोटी काटने के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, फरीदाबाद और पलवल में ऐसी 16 घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले 24 घंटे में यहां चोटी कांड की 10 घटनाएं घटित हो चुकी हैं, जिनमें दो छात्राएं और बाकी घरेलू महिलाएं हैं। इस तरह से बढ़ती चोटी काटने की घटनाओं की जानकारी मिलने पर पुलिस ने जांच शुरु कर दी है। ये घटनाएं सिर्फ गांव-देहात जैसे इलाके में ही हो रही हैं, जबकि गुरुग्राम के पॉश इलाके में अभी तक एक भी ऐसी घटना सामने नहीं आई है।

यहां सुनें गायक बिसरु का ये गीत-

 

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