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कांग्रेस सत्ता में आई तो जाति जनगणना कराई जाएगी: राहुल गांधी

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो सबसे पहले जाति आधारित...
कांग्रेस सत्ता में आई तो जाति जनगणना कराई जाएगी: राहुल गांधी

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो सबसे पहले जाति आधारित जनगणना कराई जाएगी और फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दी जाएगी। मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल धार जिले में भारत जोड़ो न्याय यात्रा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह नहीं चाहती कि चुनावी बॉण्ड खरीदने वालों के नाम उजागर हों।

पार्टी के एक नेता ने बताया कि यात्रा के कार्यक्रम में बदलाव करते हुए यह बुधवार शाम के बजाय बृहस्पतिवार को राजस्थान में प्रवेश करेगी। आदिवासी बहुल धार जिले के बदनावर शहर में जनसभा को संबोधित करते हुए गांधी ने कहा कि जाति जनगणना ‘‘हरित क्रांति और श्वेत क्रांति जितना बड़ा’’ एक क्रांतिकारी कदम होगा।

गांधी ने कहा, ‘‘ जाति आधारित जनगणना एक क्रांतिकारी कदम है। जैसे ही हम केंद्र में सत्ता में आएंगे, हम यह काम करेंगे। दूसरी चीज जो हम करेंगे वह किसानों को एमएसपी प्रदान करने के लिए कानूनी गारंटी प्रदान करना है।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि जाति आधारित जनगणना से देश में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और पिछड़े वर्ग के लोगों की सही संख्या का आकलन होगा।

उन्होंने दावा किया, ”देश में आदिवासी वर्ग (एसटी) की आबादी आठ प्रतिशत है, लेकिन अगर आप शीर्ष उद्योगपतियों और शीर्ष कंपनियों के प्रबंधन की सूची देखें, तो आपको इस आठ प्रतिशत समूह से संबंधित एक भी व्यक्ति नहीं मिलेगा।” 

उन्होंने दावा किया, "मीडिया में भी यही स्थिति है। आपको पिछड़े, दलित या एसटी वर्ग से आने वाला एक भी बड़ा पत्रकार नहीं मिलेगा। टीवी एंकरों और मीडिया मालिकों के मामले में भी यही स्थिति है।" गांधी ने कहा, ‘पूरे देश का बजट आवंटित करने वाले’ शीर्ष 90 आईएएस अधिकारियों में एक भी आदिवासी व्यक्ति नहीं है।

उन्होंने कहा, "इसे सामाजिक अन्याय कहा जाता है, और यह हर संस्थान में हो रहा है।" उन्होंने कहा, ”देश पर ”तीन से चार प्रतिशत लोगों” का कब्जा हो गया है और कोई भी इस वर्ग में प्रवेश नहीं कर सकता है।” उन्होंने कहा कि हरियाणा और पंजाब के प्रदर्शनकारी किसानों की एकमात्र मांग फसलों के लिए एमएसपी की गारंटी है।

उन्होंने कहा, ‘‘ लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार कह रही है कि वे एमएसपी नहीं देंगे। इसने (सरकार ने) 100 उद्योगपतियों का 16 लाख करोड़ रुपये माफ कर दिए, जो 24 साल के मनरेगा बजट के बराबर है। लेकिन वे किसानों का कर्ज माफ नहीं करना चाहते।’’

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