उन्होंने कहा,‘‘कुल मिलाकर उप्र की भाजपा सरकार का बजट भी भरे पेट वाले मध्यम वर्ग का तुष्टीकरण करने वाला है।’’ उन्होंने कहा कि सरकारों की असली चिंता व संवैधानिक दायित्व करोड़ों परिवारों की दरिद्रता को दूर करके सुख-चैन पहुंचाना और सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय के उद्देश्य की पूर्ति होनी चाहिए। ऐसा ना होना चिन्तनीय।''
 
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश के शहर, गांव, क्षेत्र एवं समाज बुनियादी सुविधाओं के अभाव व अनेक विषमताओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब लोग सड़क, पानी, स्कूल, अस्पताल, रोजी-रोजगार की बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे हैं तब उन्हें दूसरे सपने दिखाना, समस्या का सही समाधान नहीं है।

बसपा नेता ने कहा,‘‘भाजपा से पहले उप्र बदहाल था, यह दावा उचित नहीं, क्योंकि बसपा की मेरी सरकार में जनहित व जनकल्याण तथा अपराध-नियंत्रण व कानून-व्यवस्था के मामले में हर स्तर पर कानून का बेहतरीन राज था, जिसके लिए लोग अब तरस रहे हैं, जबकि भाजपा की नीतियों से बहुजन समाज बदहाल है।’’

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने आज राज्य विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश किया