इस बीच मारपीट की घटना की जांच का जिम्मा पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार शिंदे को सौंपा गया है। हुड्डा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि अगर उनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई हुई तो प्रबल विरोध होगा। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के जिला मुख्यालयों में कहीं हुड्डा की तस्वीर को हटाया जा रहा है तो कहीं लगाया जा रहा है। इससे संभावना है कि दाेनों गुटों के बीच फिर मारपीट हो सकती है। क्योंकि जिस तरीके से दोनों गुटों के समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं उससे आशंका है कि टकराव कहीं उग्र रूप न ले ले।
हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी कमलनाथ से मिलने गए हुड्डा समर्थक विधायकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उधर तंवर समर्थक खेमा भी इस मामले पर कार्रवाई चाहता है। तंवर के समर्थन में किरण चौधरी, कुलदीप बिश्नाेई, कुमारी शैलजा और कैप्टन अजय यादव हैं तो हुड्डा के समर्थन में भी कई विधायक लगे हुए हैं। हुड्डा ने दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के दौरान स्पष्ट कर दिया कि पार्टी को अस्थिर करने की नीयत से राजनीति की जा रही है।