कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वह राज्य में भाजपा के सत्ता में रहने के दौरान कोविड-19 प्रबंधन में कथित भ्रष्टाचार पर बोलें।
जब उनसे पूछा गया कि प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के लिए शराब विक्रेताओं से 700 करोड़ रुपये जुटाए हैं, तो उन्होंने उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
सिद्धारमैया ने जानना चाहा कि कोविड-19 प्रबंधन में कथित अनियमितताओं के बारे में प्रधानमंत्री का क्या कहना है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट जिसकी कीमत 330 रुपये प्रति पीस है, उसे राज्य की तत्कालीन भाजपा सरकार ने 2,100 रुपये प्रति पीस से अधिक की कीमत पर खरीदा।
सिद्धारमैया ने कहा, "सारे घोटाले भाजपा सरकार के दौरान हुए। हमारी सरकार ने कोई भ्रष्टाचार नहीं किया और न ही इस तरह के कृत्यों में लिप्त होगी। प्रधानमंत्री झूठ बोल रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "उन्हें इसे (आरोपों को) साबित करने दीजिए, मैं राजनीति से संन्यास ले लूंगा (अगर यह साबित हो गया)। अगर वह इसे साबित करने में विफल रहे तो क्या वह प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे? झूठ बोलने की भी कोई सीमा होनी चाहिए।"
एमयूडीए साइट आवंटन मामले में प्रवर्तन निदेशालय की जांच पर, जिसमें वह, उनकी पत्नी पार्वती बी एम और उनके साले मल्लिकार्जुन स्वामी आरोपी हैं, सिद्धारमैया ने कहा कि ईडी जिससे भी पूछताछ करना चाहे, करे।
मुख्यमंत्री ने कहा, "मैं ईडी की जांच पर टिप्पणी नहीं करूंगा, लेकिन मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि वह एक झूठे मामले की जांच कर रही है।"
बेल्लारी ग्रामीण के कांग्रेस विधायक बी नागेंद्र को मंत्रिमंडल में फिर से शामिल करने के सवाल पर सिद्धारमैया ने कहा कि विधायक ने मंगलवार को इस संबंध में उनसे बात की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नागेन्द्र से कहा है कि कर्नाटक में तीन विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव समाप्त होने के बाद वह इस पर विचार करेंगे।
अनुसूचित जनजाति कल्याण, युवा सशक्तिकरण और खेल मंत्री रहे नागेंद्र ने राज्य सरकार द्वारा संचालित कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम लिमिटेड में कथित घोटाले को लेकर इस वर्ष जून में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैसूर और चामराजनगर जिलों में बांदीपुर बाघ अभयारण्य में रात्रिकालीन यातायात पर प्रतिबंध हटाने का सरकार के समक्ष कोई प्रस्ताव नहीं है।