विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे प्रदर्शन के तहत बुधवार रात को यमुना एक्सप्रेस वे ‘जीरो प्वाइंट’ से दलित प्रेरणा स्थल की ओर धरना देने के लिए निकले ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के 34 नेताओं को नोएडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. इनमें किसान संगठनों के दो बड़े नेता शामिल हैं. पुलिस ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ‘संयुक्त किसान मोर्चा’ के नेता ‘जीरो प्वाइंट’ पर बुधवार रात को धरने पर बैठे थे. रात के समय किसान नेता सुखबीर खलीफा, रुपेश वर्मा के नेतृत्व में किसान ‘जीरो प्वाइंट’ स्थित धरना स्थल से दलित प्रेरणा स्थल पर धरना देने के लिए निकल गए. किसान नेताओं ने घोषणा की थी कि बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे ‘जीरो प्वाइंट’ पर एक बैठक होगी जिसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी. पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि ‘जीरो प्वाइंट’ से दलित प्रेरणा स्थल की ओर बढ़ रहे 34 किसानों को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस ने बुधवार को भी कुछ किसान नेताओं को दलित प्रेरणा स्थल पर शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया था जिन्हें शाम को रिहा कर दिया गया. किसान नेता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं. जेल से रिहा होने के बाद कई प्रदर्शनकारी यमुना एक्सप्रेसवे के ‘जीरो प्वाइंट’ पर जारी किसान पंचायत में शामिल हुए, जहां सभी ने धरना प्रदर्शन जारी रखने का निर्णय लिया. इससे पहले, पुलिस ने मंगलवार शाम को 160 प्रदर्शनकारी किसानों को गिरफ्तार किया था जिनमें से कई बुजुर्ग, महिलाओं और बीमार लोगों को पुलिस ने जेल के गेट से मुचलके पर छोड़ दिया था. शेष 123 किसानों को पुलिस ने गौतम बुद्ध नगर की लुक्सर जेल भेज दिया था. प्रवक्ता ने बताया कि किसानों की गिरफ्तारी के बाद भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बुधवार को नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे के ‘जीरो प्वाइंट’ पर महापंचायत बुलाई थी.
इस महापंचायत में भाग लेने के लिए मुजफ्फरनगर से निकले नरेश टिकैत को मुजफ्फरनगर के भौंवरा कला तथा राकेश टिकैत को अलीगढ़ के टप्पल में रोक दिया गया. राकेश टिकैत के बेटे गौरव टिकैत महापंचायत में पहुंचे तथा उन्होंने महापंचायत को संबोधित किया. शाम को राकेश टिकैत अलीगढ़ पुलिस को चकमा देकर पंचायत स्थल पर पहुंचने के लिए दौड़ते हुए यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ गए. वह एक कैंटर रुकवा कर उसमें बैठ गए. उनके पीछे-पीछे दौड़ते हुए आए पुलिस कर्मियों ने कैंटर रुकवा कर उन्हें दोबारा से रोक लिया. इस घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आया है. महापंचायत में शामिल होने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हापुड़, गाजियाबाद, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर और मेरठ से बड़ी संख्या में किसान अपने-अपने निजी वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार हो कर धरने के लिए प्रेरणा स्थल पहुंचे.