दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 साल में जितने काम किए थे उससे कहीं ज्यादा काम दिल्ली में आप सरकार ने साढ़े तीन साल में कर दिए।
आम आदमी पार्टी के छठे स्थापना दिवस पर उन्होंने कहा, 'तीन साल में हमारी सरकार ने जितने भी निर्णय लिए थे, उनसे जुड़ी वे सभी 400 फाइलें मोदी जी ने, हमारे खिलाफ कोई भी गड़बड़ी निकालने के लिए मंगा लीं जिन पर मैंने दस्तखत किए थे। लेकिन कुछ भी नहीं निकला। मुझे ईमानदारी का सर्टिफिकेट प्रधानमंत्री मोदी जी से मिला है।'
'क्या हमारा प्रधानमंत्री ईमानदार है'
केजरीवाल ने कहा, 'आज दिल्ली की जनता कहती है कि हमारा मुख्यमंत्री ईमानदार है। मैं देश की जनता से पूछना चाहता हूं कि क्या आप दिल से कह सकते हो कि हमारा प्रधानमंत्री ईमानदार है।' सीएम ने कहा कि संविधान दिवस के दिन ही आप का गठन होना महज संयोग मात्र नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा, 'यह नियति का एक इशारा है कि आज देश में संविधान पर जो खतरा मंडरा रहा है उस खतरे से देश को निजात दिलाने में कोई और पार्टी सक्षम नहीं है, सिर्फ आप ही इस खतरे से निजात दिला सकती है।'
2012 में बनी थी आम आदमी पार्टी
दिल्ली के रामलीला मैदान में 2012 में समाजसेवी अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान मंच का संचालन करने वाले अरविंद केजरीवाल के विचारों से आम आदमी पार्टी निकली है। तब केजरीवाल और उनके सहयोगियों ने देश की राजनीति से अलग विचारधारा और साफ-सुथरी राजनीति की बात कही थी।
मगर अन्ना को राजनीतिक पार्टी बनाने पर ऐतराज था। उनका मानना था कि राजनीति दलदल है, जिसमें केवल बेइमानी और भ्रष्टाचार है। अन्ना के इस विरोध के बावजूद अरविंद केजरीवाल और उनके साथियों ने आम आदमी पार्टी का गठन किया। तब अरविंद का साथ देने वालों में शांति भूषण, प्रशांत भूषण, मनीष सिसोदिया, कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव, शाजिया इल्मी, किरण बेदी जैसे लोग शामिल थे लेकिन समय बीतने के साथ उनमें से ज्यादातर अब इस पार्टी का हिस्सा नहीं हैं।