आर्थिक सुधारों को गति देते हुए सोमवार को मोदी सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति (एफडीआई पॉलिसी) में कई बड़े बदलावों का ऐलान किया। नागरिक उड्डयन और रक्षा क्षेत्र में 100 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दे दी गई है।
नई विमानन नीति में एक घंटे या उससे कम समय की उड़ान के लिए अधिकतम 2500 रुपए के टिकट का जो प्रस्ताव रखा गया है, उसे लागूू करने में कठिनाई हो सकती है। 500 से 600 किलोमीटर तक की हवाई यात्रा के लिए लार्इ गई इस रीजनल कनेक्टवीटी स्कीम को लागू करने में केंद्र अौर राज्य सरकारों के कई प्रावधान अड़चन खड़ी कर सकते हैं।
राष्ट्रीय नागर विमानन नीति को बुधवार को केंद्रीय मंत्रिामंडल ने मंजूरी दे दी। नई नीति में यात्रियों के फायदे की कई बातें शामिल की गई हैं। मसलन एक घंटे के सफर के लिए एयरलाइंस कंपनियां 2500 रुपये से ज्यादा नहीं वसूल सकेंगी। ज्यादा बुकिंग का हवाला देकर अगर कोई कंपनी यात्री को बोर्डिंग से रोकती है तो उसे 20 हजार का मुआवजा देना होगा।
सरकार ने हवाई किरायों में मनमाने ढंग से बढ़ोत्तरी की यात्रियों की शिकायतों के मद्देनजर किरायों पर अधिकतम सीमा लागू करने की संभावना से गुरुवार को इनकार किया और कहा कि विमानन कंपनियों के के बीच की प्रतिस्पर्धा इस समस्या का हल निकाल लेगी। नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने कहा कि हवाई किरायों की सीमा तय किया जाना कारोबार की दृष्टि से कोई अच्छी बात नहीं होगी।
पिछले दिनों अप्रैल माह में जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के साथ हवाई उड़ान में हाथापाई करने के आरोपी मानस डेका ने सोशल मीडिया पर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ ली सेल्फी पोस्ट की है।
एक घंटे के सफर वाली फ्लाइट्स का किराया 2500 रुपये तक सीमित हो सकता है। केंद्र सरकार जल्द ही इस बारे में फैसला कर सकती है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के अनुसार नई राष्ट्रीय उड्डयन नीति में ऐसा प्रस्ताव शामिल किया गया है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मान लेती है तो यह यात्रियों के लिए यह बड़ी राहत की बात होगी। किराए में सभी तरह के शुल्क शामिल होंगे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि तंबाकू का सेवन भारत समेत दक्षिण पूर्व एशियाई क्षेत्र में सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। संगठन ने कहा है कि इसके सेवन से हर घंटे औसतन 150 लोगों की मौत होती है। डब्ल्यूएचओ ने सादी पैकेजिंग की वकालत की है जिसमें तंबाकू उत्पादों से ब्रांड और प्रचार संबंधी सूचना हटाना अनिवार्य बनाया जाए।
असम में सत्ता हासिल करने के बाद भाजपा के हौंसले बुलंद हैं। पार्टी को केरल में भी संतोषप्रद सफलता मिली है। पहला मौका है जब भाजपा ने देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपने दम पर सरकार बनाने की स्थिति में है। ऐसी सफलता के साथ ही उसने अब उत्तर प्रदेश की ओर ध्यान देना शुरु कर दिया है।