न्यूजीलैंड में चल रही इस शृंखला के दूसरे मैच में भारतीय टीम ने आक्रामक हॉकी खेलकर यह उपलब्धि पाई है। इस मैच में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरू से ही आक्रामक रणनीति अपनाई लेकिन दसवें मिनट में मिले पेनाल्टी कॉर्नर का लाभ मेहमान टीम नहीं उठा पाई। हालांकि 13वें मिनट में ही रमनदीप सिंह ने बीरेंद्र लाकड़ा से मिले पास की बदौलत भारत का खाता खोला।
भारत का आक्रमण दूसरे हाफ में भी जारी रहा लेकिन धरमवीर सिंह की बेहतरीन कोशिश को न्यूजीलैंड के गोलकीपर ने नाकाम कर दिया। दूसरी तरफ न्यूजीलैंड टीम मुख्य रूप से हमले रोकने में भी व्यस्त रही लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति को तोड़ने में नाकाम रही। न्यूजीलैंड भी 23वें मिनट में मिले पेनाल्टी कॉर्नर का लाभ उठाने में विफल रही। भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने बड़ी खूबसूरती से गोल बचा लिया। दूसरे हाफ की शुरुआत तक भारत-न्यूजीलैंड का स्कोर 1-0 ही था।
छोर बदलते ही गुरजिंदर सिंह ने भारत की दोहरी कामयाबी का मौका गंवा दिया और उन्होंने गोल पोस्ट से बहुत दूर गेंद फेंक दी। इसके तत्काल बाद न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों ने जवाबी हमला किया और 35वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर ले लिया। एक बार फिर श्रीजेश चट्टान की तरह गेंद रोककर उनकी हताशा का कारण बने। न्यूजीलैंड की तरफ से केन रसेल को 45वें मिनट में मौका मिला और गोल दागकर 1-1 की बराबरी कर ली। मैच के आखिरी क्षण के रोमांच के बीच 52वें मिनट में मनप्रीत सिंह ने सटीक पास ललित उपाध्याय को दिया और ललित ने बड़ी चपलता से गोल दागकर टीम को 2-1 से आगे कर दिया। आखिरी मिनट में ही निक्किन थिमैया ने तीसरा गोल दागकर भारत की जीत और मजबूत कर दी। शृंखला का तीसरा टेस्ट मैच अब क्राइस्टचर्च में 9 अक्टूबर को होगा।