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रोजर फेडरर: 19 साल में 19 ग्रैंड स्लैम और अभी गिनती जारी है...

35 साल और 342 दिन, आमतौर पर एक टेनिस खिलाड़ी इस उम्र में संन्यास ले लेता है। लेकिन रोजर फेडरर के लिए उम्र सिर्फ एक संख्या है।
रोजर फेडरर: 19 साल में 19 ग्रैंड स्लैम और अभी गिनती जारी है...

8 अगस्त को 36 साल के होने वाले फेडरर ने अपने करियर का 19वां ग्रेंड स्लैम जीतकर उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया कि टेनिस की दुनिया में फिलहाल वो ही शहंशाह हैं।

इस साल आस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीत चुके फेडरर विंबलडन में रिकॉर्ड 11वां फाइनल खेलते हुए एक बार फिर चैंपियन बने। फाइनल में उन्होंने क्रोएशिया के मारिन चिलिच को लगातार सेटों में आसानी से हराकर रिकार्ड 8वीं बार विम्बलडन ख़िताब अपने नाम किया।

इस खिताब को जीतने के साथ ही फेडरर ने सबसे ज्यादा ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीतने के मामलें में अपने चिर-प्रतिद्वंदी स्पेन के राफेल नडाल को काफी पीछे छोड़ दिया है। इस लिस्ट में 19 खिताब के साथ फेडरर पहले जबकि 15 खिताब के साथ राफेल नडाल दूसरे नंबर पर हैं। साथ ही फेडरर टेनिस इतिहास के दूसरे पुरुष खिलाड़ी बने, जिन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नमेंट के सिंगल्स खिताब को 8 या इससे ज्यादा बार जीता। राफेल नडाल ने फ्रेंच ओपन 10 बार जीता है।

14 वर्ष पहले फेडरर ऑल इंग्लैंड क्लब में खेलने आए थे और अब 35 साल की उम्र में उन्होंने यहां आठवीं बार खिताब जीता। इससे पहले फेडरर साल 2003, 2004, 2005, 2006, 2007, 2009 और 2012 में विंबलडन जीत चुके हैं। विंबलडन में रोजर फेडरर अब तक कुल 91 सिंगल्स मैच जीत चुके हैं। इस टूर्नमेंट में सबसे ज्यादा मैच जीतने के मामले में फेडरर पहले जबकि अमेरिका के जिमी कॉनर्स (84 जीत) दूसरे नंबर पर हैं। विंबलडन का आठवां खिताब जीतने के साथ ही रोजर फेडरर ने ब्रिटेन के विलियम्स रेनाशॉ (07) और अमेरिका के पीट सम्प्रास (07) को पीछे छोड़ दिया।

इस फाइनल में हिस्सा लेने के साथ ही फेडरर विंबलडन फाइनल खेलने वाले दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गए। उनसे पहले केन रोसवैल ने साल 1974 में 39 वर्ष की उम्र में विंबलडन फ़ाइनल खेला था, तब उन्हें जिमी कॉनर्स से हार का सामना करना पड़ा था।

विंबलडन का खिताब रिकार्ड 8वीं बार जीतने के साथ ही फेडरर मॉर्डन एरा में विंबलडन खिताब अपने नाम करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए। इससे पहले 1975 में अमेरिका के अर्थर एश ने 32 साल की उम्र में विंबलडन जीता था। आर्थर विंबलडन जीतने वाले पहले अश्वेत खिलाड़ी हैं।

चोट और फिटनेस से जूझते फेडरर के लिए विंबलडन का खिताब जीतना इतना आसान नहीं था। एक जमाने में फेडरर चैंपियन हुआ करते थे, लेकिन 2013 के बाद उनके खेल में गिरावट आने लगी। नोवाक जोकोविच और राफेल नडाल की एंट्री ने इस बात को और पुख्ता कर दिया और लगने लगा कि फेडरर का जमाना अब खत्म हो गया है।

साल 1998 में पेशेवर टेनिस की दुनिया में कदम रखने वाले फेडरर ने अपना पिछला विंबलडन खिताब 2012 में जीता था. इसके बाद चोट और फिटनेस से जूझते फेडरर को देखकर टेनिस के जानकार मानने लगे कि अब उन्हें संन्यास के बारे में सोचना चाहिए। एक समय ये अंदाजा सही भी लगने जब फेडरर लगातार 5 सालों तक कोई खिताब नहीं जीत पाए। लेकिन निरंतर अभ्यास और प्रयासों से फेडरर ने वो कर दिखाया जो विरले ही कर पाते हैं। इसी साल जनवरी में आलोचकों का मुंह बंद करते हुए फेडरर ने सालों का सूखा समाप्त करते हुए रफेल नडाल को हराकर अपना पांचवां ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत लिया।

जनवरी 2017 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीतने से पहले लगातार 5 सालों तक रोजर फेडरर को टेनिस के 4 बड़े टूर्नामेंट में बार-बार हार मिल रही थी। साल 2014 और 2015 में विंबलडन के फाइनल में वे सर्बिया के नोवाक जोकोविक के हाथों हार गए। इसके अलावा 2016 में उन्हें विंबलडन के सेमीफाइनल में कनाडा के मिलोस राओनिक के खिलाफ हार का मुंह देखना पड़ा था। इस हार के बाद घुटने की चोट के कारण उन्हें अगले छह महीने टेनिस से दूर रहना पड़ा था। घुटने की चोट के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए इस साल जनवरी में उन्होंने राफेल नड़ाल को हराकर करियर का पांचवां ऑस्ट्रेलियन ओपन अपने नाम किया था।

रोजर फेडरर के लिए विंबलडन की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपनी फिटनेस को बरकरार रखने के लिए इस साल फ्रेंच ओपन में हिस्सा नहीं लिया था और पूरी तैयारी और फिटनेस के साथ ग्रास कोर्ट पर खेलने उतरे और खिताब पर कब्जा जमा लिया। फेडरर के खेल की महानता का अंदाजा इसी बात से चलता है कि उन्होंने पूरे विंबलडन टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया. इस टूर्नामेंट के इतिहास में 41 साल बाद ऐसा मौका आया, जब‍ किसी खिलाड़ी ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बिना कोई सेट हारे ये खिताब जीता हो। इससे पहले साल 1976 में स्वीडन के टेनिस खिलाड़ी बियॉन बॉर्ग ने बिना कोई सेट हारे विंबलडन का खिताब अपने नाम किया था।

विंबलडन के आठ खिताब के अलावा फेडरर पांच बार आस्ट्रेलियन ओपन, एक बार फ्रेंच ओपन और पांच बार अमेरिकी ओपन खिताब जीत चुके हैं। वे दुनिया के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने कम से कम पांच-पांच बार विंबलडन, यूएस ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता है।

अपने करियर का 19वां ग्रैंड स्लैम जीतने के साथ ही स्विट्जरलैंड के स्टार खिलाड़ी रोजर फेडरर (6,545 अंक) ने दो स्थान की छलांग लगाते हुए एटीपी रैंकिंग में तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। सबसे ज्यादा 302 सप्ताह नंबर एक पर रहने का रिकॉर्ड अपने नाम करने वाले फेडरर आखिरी बार नवंबर 2012 के पहले सप्ताह में नंबर एक रहे थे। खिताब जीतने के बाद रोजर फेडरर ने स्वीकार किया है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि वे आठ बार विंबलडन खिताब जीतेंगे और यदि उनसे कोई कहता कि 2017 में वे दो ग्रैंडस्लैम जीतेंगे तो वे इस पर ठहाका लगाते।

साल के शुरुआत में फेडरर ने ऑस्ट्रेलियन ओपन अपने नाम किया था और अब विंबलडन जीतने के बाद अगले महीने शुरू हो रहे यूएस ओपन में इस स्टार पर पूरी दुनिया की निगाहें रहेगी। रोजर फेडरर ने आखिरी यूएस ओपन 2008 में जीता था।

 

 

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