“मैं यौन अपराधी नहीं हूं, मैं सिर्फ अपराधी हूं। यह वैसा ही फर्क है जैसे एक हत्यारे और किसी डबल रोटी चुराने वाले इंसान के बीच होता है।”
-जैफरी एपस्टीन, न्यूयॉर्क पोस्ट, 2011

बालाओं से घिरे डोनाल्ड ट्रम्प
अमेरिकी न्याय विभाग ने बाल यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों का विशाल संग्रह सार्वजनिक किया है। हजारों फाइलों वाले इस दस्तावेजी खजाने में दुनिया छोड़ चुके फाइनांसर एपस्टीन और उसकी सहयोगी, ब्रिटिश सोशलाइट घिसलेन मैक्सवेल की तस्वीरें शामिल हैं, जिनमें वे पिछली सदी की कई बेहद प्रभावशाली हस्तियों के साथ दिखाई दे रहे हैं। ये तस्वीरें इस बात को साफ तौर पर बताती हैं कि एपस्टीन और मैक्सवेल ने शाही परिवारों, नेताओं, संगीतकारों और फिल्मी कलाकारों तक के साथ किस तरह के रिश्ते बनाए और निभाए।

बिल गेट्स
‘‘फाइलों” के सार्वजनिक होते ही, मानो अलमारी में छिपे कंकाल एक-एक कर बाहर गिरने लगे हैं। हर दिन, एक नया नाम, हर बार कोई बड़ा चेहरा। इनमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का नाम भी है। हालांकि ये नाम और तस्वीरें अपने आप में किसी भी तरह के अपराध का संकेत नहीं देतीं, लेकिन इन लोगों का एपस्टीन से जुड़ाव, खासकर सोशल मीडिया पर लगातार घूमती इन छवियों की पृष्ठभूमि में, नैतिकता और अनैतिकता के सवालों से भरा हुआ प्रतीत होता है। इसका असर महज अमेरिका तक सीमित नहीं है। इसका असर देशों और महाद्वीपों को पार कर हर जगह व्याप्त है।

माइकल जैक्सन के साथ एपस्टीन
न्यूयॉर्क की एक जेल कोठरी में 10 अगस्त 2019 को अचानक जेफरी एपस्टीन की रहस्यम मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, उसने फांसी लगा ली थी। उस पर यौन तस्करी के आरोपों में मुकदमे शुरू ही नहीं हो पाए थे, मुकदमे के इंतजार में उसे जमानत का कोई मौका नहीं मिल पाया था। दूसरी ओर, मैक्सवेल बाल यौन तस्करी के अपराध में 20 साल की जेल की सजा भुगत रही है। एपस्टीन फाइलों में दर्ज नामों के सार्वजनिक होने से दुनिया भर में रसूखदार लोगों के बीच इस्तीफों की लहर और कई तरह के असहज, शर्मनाक नतीजे सामने आए हैं। कई देशों खासकर यूरोप में कई इस्तीफे हो चुके हैं। प्रिंस एंड्र्यू की गिरफ्तारी भी हुई और बाद में जमानत मिली लेकिन पदवी छिन गई। हालांकि अमेरिका और कुछ दूसरे देशों में सन्नाटा छाया है।

प्रिंस एंड्र्यू माउंटबेटन विंडसर, जिनसे इस खुलासे के बाद शाही पदवी छीन ली गई
बहरहाल, सड़ांध जितनी दिख रही है, उससे कहीं ज्यादा गहरी है। हालांकि यह अभी साफ नहीं है कि इसके कानूनी निहितार्थ क्या होंगे, लेकिन सवाल यही है, क्या यह भी अमीरों और मशहूरों के हर बार बच निकलने की एक और कहानी बनकर रह जाएगा, या फिर चाहे कितना ही समय क्यों न लगे, आखिरकार न्याय की जीत होगी। कम से कम उसके नाबालिग शिकारों की इंसाफ की गुहार तो सुनी ही जानी चाहिए।

एपस्टीन भाषाविद तथा राजनीतिक टिप्पणीकार नोम चोम्स्की के साथ

फिल्म निर्माता-अभिनेता वुडी एलन के साथ

अरबपति रिचर्ड ब्रैनसन के साथ

एपस्टीन की सहयोगी गिसलेन मैक्सवेल के साथ पूल में क्लिंटन

पत्नी के साथ हॉवर्ड के अध्यक्ष लैरी समर्स

वॉटर कैनक्रट ने भी एपस्टीन के आतिथ्य का लाभ लिया
फोटो संयोजन नूर निशा