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इजरायल चुनाव में नेतन्याहू को मोदी का सहारा, चुनावी पोस्टरों में दोनों दिखे साथ-साथ

इजरायल में 17 सितंबर को होने वाले चुनाव से पहले एक चुनावी बैनर सामने आया है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र...
इजरायल चुनाव में नेतन्याहू को मोदी का सहारा, चुनावी पोस्टरों में दोनों दिखे साथ-साथ

इजरायल में 17 सितंबर को होने वाले चुनाव से पहले एक चुनावी बैनर सामने आया है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू की तस्वीर लगी है। इजरायल के पत्रकार अमीचाई स्टेन ने रविवार को इस बैनर की तस्वीर पोस्ट की। यह बैनर एक बिल्डिंग के बाहर लगा दिख रहा है। इसी तरह के दो अन्य बैनर्स भी उसी बिल्डिंग पर लगाए गए हैं। इन पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नेतन्याहू के साथ तस्वीर है। इस फोटो के कैप्शन में स्टेन ने लिखा- नेतन्याहू का चुनावी विज्ञापन: पुतिन, ट्रंप और मोदी।

माना जा रहा है कि इजरायल में होने वाले चुनाव के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता को भुनाने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग के बाहर ये पोस्टर लगाए गए हैं वह बिल्डिंग तेल अवीव स्थित किंग जॉर्ज स्ट्रीट में लिकुड पार्टी का मुख्यालय है, जहां इन तीन अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ नेतन्याहू की नजदीकी बताने वाले चुनावी विज्ञापन वाले बैनर लगे हैं। नेतन्याहू का चुनाव इस बार विश्व नेताओं के साथ घनिष्ठ संबंधों पर ही केंद्रित है। इसमें यह बताने की कोशिश की जा रही है कि नेतन्याहू इजरायल की राजनीति में असाधारण शख्सियत बन चुके हैं जो देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। 

2019 के आम चुनाव में मोदी को जीत की बधाई देने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय नेता थे नेतन्याहू

सबसे लंबी अवधि के प्रधानमंत्री होने के बावजूद माना जा रहा है कि इस बार उनके लिए चुनाव कठिन होगा। उनके समय में भारत और इजरायल के बीच आर्थिक, सैन्य और राणनीतिक संबंधों का तेजी से विकास हुआ है। वहीं, वह मोदी को 2019 के आम चुनाव के बाद जीत की बधाई देने वाले पहले अंतरराष्ट्रीय नेता थे। उन्होंने भारत के साथ दोस्ती और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का संदेश दिया था। नेतन्याहू चुनाव से ठीक आठ दिन पहले 9 सितंबर को एक दिन के दौरे पर भारत आ रहे हैं।

नेतन्याहू को मई में हुए चुनाव में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था

गौरतलब है कि सबसे लंबे वक्त तक इजरायल के प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं लेकिन उन्हें मई में हुए आए आम चुनावों के नतीजों में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था। इस वजह से सरकार का गठन नहीं हो पाया। नेतन्याहू गठबंधन नहीं बना पाए थे। इसके बाद इजरायल की संसद नेसेट ने देश में दोबारा चुनाव कराने का फैसला लिया। इसलिए यहां दोबारा चुनाव कराए जा रहे हैं।

 


इजराइल में चुनाव से पहले भारत दौरे पर आएंगे नेतन्याहू

गौरतलब है कि नेतन्याहू 9 सितंबर को आम चुनाव से पहले भारत दौरे पर आएंगे। उनका यह दौरा इजरायल में होने वाले आम चुनावों से पहले प्रस्तावित है। इस दौरान वह पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि यह एक बिजनेस मीटिंग भी हो सकती है।

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