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केरल विस्फोट : सर्वदलीय बैठक में अविश्वास, असहिष्णुता पैदा करने के प्रयासों को रोकने का संकल्प; जनता से की गई यह अपील

केरल में ईसाई समुदाय के एक सम्मेलन केंद्र में एक के बाद एक हुए कई विस्फोट की घटना के बाद मुख्यमंत्री...
केरल विस्फोट : सर्वदलीय बैठक में अविश्वास, असहिष्णुता पैदा करने के प्रयासों को रोकने का संकल्प; जनता से की गई यह अपील

केरल में ईसाई समुदाय के एक सम्मेलन केंद्र में एक के बाद एक हुए कई विस्फोट की घटना के बाद मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन द्वारा सोमवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में समाज में अविश्वास और असहिष्णुता पैदा करने की कोशिशों को रोकने का संकल्प लिया गया।

बैठक के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा एक बयान जारी किया गया। इस बयान के अनुसार, सचिवालय परिसर स्थित सम्मेलन सभागार में हुई बैठक में लोगों से विस्फोट के बाद निराधार आरोपों, अटकलें लगाने और अफवाह फैलाने से बचने का अनुरोध करने का भी सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया।

बयान के मुताबिक, सर्वदलीय बैठक में राज्य के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की उपस्थिति में यह भी संकल्प लिया कि केरल उन लोगों के, राज्य के खंडित करने के अलग-अलग प्रयासों पर किसी भी कीमत पर काबू पा लेगा जो इस दक्षिणी राज्य में शांति, भाईचारे और समानता की विशेष सामाजिक स्थिति को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं।

साथ ही समाज के प्रत्येक व्यक्ति से समाज में विभाजन पैदा करने और लोगों को एक-दूसरे से अलग करने के लिए जारी अटकलों, मिथकों और अफवाहों को फैलाने के प्रयासों को रोकने का भी आग्रह किया गया। 

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के पीके कुन्हालीकुट्टी ने कहा, "सभी दलों की प्रमुख चिंता यह है कि केरल को सांप्रदायिक रूप से विभाजित नहीं किया जाना चाहिए। राजनीतिक आधार पर सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी दलों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन राज्य को सांप्रदायिक रूप से विभाजित नहीं होने देना है। ऐसी घटना केरल में यह असामान्य है, और राज्य सरकार सतर्कता बढ़ाने पर सहमत हो गई है।"

केरल के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता वीडी सतीसन ने कहा, "घटना के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ घृणा अभियान चलाया गया। एक केंद्रीय मंत्री सहित कुछ नेताओं द्वारा गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए गए। स्थिति से निपटने के लिए केरल एकजुट होगा। हम दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में सरकार का समर्थन करते हैं। हमने केरल में खुफिया तंत्र को मजबूत करने की मांग की। हम चाहते हैं कि सरकार सोशल मीडिया पर हो रहे घृणा अभियान का संज्ञान ले।"

गौरतलब है कि केरल में कोच्चि के समीप कलमस्सेरी में ईसाई समुदाय के एक सम्मेलन केंद्र में रविवार को सुबह हुए धमाकों में तीन लोगों की मौत हो गई। बता दें कि सम्मेलन केंद्र में ‘यहोवा के साक्षी’ समूह की प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। इस ईसाई धार्मिक समूह की स्थापना 19वीं सदी में अमेरिका में की गई थी।

प्रारंभिक धमाकों में एक महिला की मौत हुई और 52 अन्य घायल हुए थे, जिनमें से छह की हालत गंभीर थी। इसके बाद गंभीर रूप से घायलों में से 53 वर्षीय महिला की मौत हो गई। सोमवार को सुबह तक हादसे में 95 फीसदी तक झुलसी 12 वर्षीय लड़की की भी मौत हो गई। 

राज्य के पुलिस महानिदेशक शेख दरवेश साहब ने रविवार को पुष्टि की थी कि यह विस्फोट आईईडी (विस्फोटक) के कारण हुआ। घटना के कुछ घंटों बाद ‘यहोवा के साक्षी’ संप्रदाय का सदस्य होने का दावा करते हुए एक व्यक्ति ने त्रिशूर जिले की पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर इन धमाकों की जिम्मेदारी ली थी।

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