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माओवादियों के निशाने में अल्मोड़ा, धौलछीना में लगाए पोस्टर

अल्मोड़ा जिले में माओवादियों ने एक बार फिर पोस्टर, पर्चे और वॉल राइटिंग से दस्तक दी है। इस बार धौलछीना में माओवादियों ने इंटर कॉलेज, ब्लॉक मुख्यालय और साइन बोर्ड में लाल रंग से शराब विरोधी नारे लिखे। इधर पोस्टर लगने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई है। बहरहाल पोस्टर लगाने वालों की तलाश शुरु कर दी गई है।
माओवादियों के निशाने में अल्मोड़ा, धौलछीना में लगाए पोस्टर

जिला मुख्यालय से तकरीबन 45 किलोमीटर दूर राजस्व क्षेत्र धौलछीना में सोमवार की सुबह माओवादियों के पोस्टरों से हड़कंप मच गया। राजकीय इंटर कॉलेज के गेट, सरकारी बोर्ड और ब्लॉक की दीवारों पर शराब के खिलाफ पोस्टर, पर्चे चस्पा की गई थी। पहाड़ में प्रचलित नशा नहीं रोजगार दो के नारे का भी माओवादियों ने इस्तेमाल किया और हर जगह पर प्रतिबंधित संगठन 'भाकपा माओवादी' भी लिखा है।

कुछ समय से बढ़ी है सक्रियता

अल्मोड़ा जिले में बीते कुछ महीनों से माओवादियों की सक्रियता बढ़ी है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चुनौती देते हुए कई जगहों पर पोस्टर और वॉल राइटिंग की है। लेकिन अभी तक इन गतिविधियों में लिप्त कोई भी आरोपी नहीं पकड़ा जा सका है। बीते 24 अप्रैल को जिले के द्वाराहाट ब्लॉक में माओवादियों ने महिलाओं के शराब विरोधी आंदोलन को सही बताया। इसके बाद 27 अप्रैल को अल्मोड़ा से कुछ दूरी पर स्थित पेटशाल में आरएफसी की दीवार और एक स्कूल की दीवार पर शराब विरोधी नारे लिखे गए थे। इसके बाद 29 अप्रैल को माओवादियों ने बागेश्वर के काफलीगैर में माओवादियों ने वॉल राइटिंग की थी। माओवादियों ने शराब विरोधी आंदोलन करने वाली महिलाओं को धमकाने वाले माफियाओं को माओवादी पार्टी द्वारा सजा देने का भी जिक्र किया था। सभी मामलों में पुलिस अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश में जुटी है।

आंदोलन के सहारे पैठ बनाने की जुगत

उत्तराखंड में जगह-जगह शराब के खिलाफ आंदोलन चल रहे हैं। शराब विरोधी आंदोलन में ज्यादातर जगहों पर महिलाएं ही मुखर हैं। बताया जा रहा है कि आंदोलन के बहाने माआवोदी लोगों के बीच पैठ बनाने की कोशिश करने में जुटे हैं। इसलिए सोची समझी रणनीति के तहत वे नारों के साथ भावानात्मक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। माओवादियों ने पोस्टरों में लिखा है कि हम कोई नेपाल से नहीं आए हैं। हम यहीं के हैं और हम अपने उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के लिए संघर्षरत हैं।

बीडीओ और प्रधानाचार्य से मांगा जवाब

एसडीएम विवेक राय ने बताया कि धौलछीना इंटर कॉलेज और भैंसियाछाना ब्लॉक मुख्यालय के गेट और दीवारों पर पोस्टर और स्लोगन लिखे गए हैं। एक टीम पोस्टर लगाने वालों की तलाश में लगाई गई है। बीडीओ और स्कूल के प्रधानाचार्य से इस संबंध में जवाब मांगा गया है। दोनों ही जगह रात में चैकीदारी के लिए किसी न किसी की ड्यूटी रही होगी। ऐसे में कैसे ये पोस्टर चस्पा किए गए।

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