नौगाम थाने में असावधानी से विस्फोटक के फटने से दिल्ली धमाके की आग वहां भी पहुंची
दिल्ली विस्फोट की आंच श्रीनगर जिले के नौगाम इलाके तक सिर्फ साजिशी तंत्र के नाते ही नहीं, बल्कि मौतों के सिलसिले में भी पहुंच गई। दिल्ली विस्फोट मामले में बरामद बाकी विस्फोटक पदार्थ स्थानीय पुलिस थाने में फट गया तो सात पुलिसवालों की मौत हो गई और 27 जख्मी हुए। यह विस्फोट जांच के लिए फरीदाबाद से नौगाम लाया गया था, क्योंकि पहली एफआइआर यहीं दर्ज हुई। माना जा रहा है कि सैंपल निकालने में असावधानी से उसमें विस्फोट हो गया।
देर रात हुए उस विस्फोट से कई घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। नौगाम पुलिस स्टेशन के पास की एक कॉलोनी में रहने वाले अब्दुल अजीज वानी बताते हैं कि उनका घर घटनास्थल से कई मीटर दूर है। फिर भी उन्होंने धमाके का असर महसूस किया। वे कहते हैं, ‘‘धमाका इतना जोरदार था कि हमारे घर हिल गए। हम विस्फोट स्थल से कम से कम 800 मीटर दूर रहते हैं, लेकिन हमने यहां भी इसका असर महसूस किया।’’
नौगाम के बनपोरा इलाके में 19 अक्टूबर को अलग-अलग जगहों पर दो आतंकी संगठनों के पोस्टर लगे पाए जाने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था। इसके बाद यूएपीए एक्ट, बीएनएस, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और आर्म्स एक्ट की कई धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज की गई थी। दिल्ली विस्फोट वाले दिन, पुलिस ने बताया था कि उन्होंने फरीदाबाद में 2,900 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ बरामद किया था और नौगाम के रहने वाले लोगों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के अनुसार, विस्फोटक बरामदगी मामले में पुलवामा के कोइल इलाके के डॉक्टर मुजम्मिल शकील के अलावा, श्रीनगर के नौगाम इलाके के निवासी आरिफ निसार डार, यासिर-उल-अशरफ और मकसूद अहमद डार को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों की पहचान शोपियां के मौलवी इरफान अहमद, गांदरबल के वाकुरा निवासी जमीर अहमद अहंगर और कुलगाम निवासी डॉ. अदील के रूप में हुई है।
दिल्ली विस्फोट के बारे में खबर आने के बाद यहां के ज्यादातर निवासियों का कहना है कि शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात उनके लिए बेहद भयावह थी। कई निवासियों ने बताया कि पुलिस थाने में आग लगने की घटना के बाद वे जागते रहे। रात भर इलाके में सुरक्षा बलों की भारी आवाजाही, दमकल गाड़ियों के सायरन और एम्बुलेंस की आवाजाही की आवाजें सुनाई देती रहीं। कुछ को लगा कि शायद भूकंप आया है, जबकि कुछ को थाने में विस्फोट की खबर मिलने से पहले लगा कि यह कोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।
स्थानीय निवासी मेहराजुद्दीन नजर बताते हैं कि देर रात जब विस्फोट हुआ, तब से ही इलाके में दमकल की गाड़ियां और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। नज़र कहते हैं, ‘‘हमने ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा था।’’ उन्होंने पड़ोस के एक दर्जी की मौत पर दुख जताया, जो विस्फोट में मारे गए सात लोगों में शामिल था। वहां दहशत का माहौल बना हुआ है।