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हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश करेंगे खड़से के खिलाफ आरोपों की जांच

महाराष्ट्र के पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश से कराई जाएगी। भूमि घोटाले और भर्ष्टाचार के कई आरोपों के घेरे में आए खड़से को शनिवार को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।
हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश करेंगे खड़से के खिलाफ आरोपों की जांच

पूर्व राजस्व मंत्री एकनाथ खड़से को लेकर बैकफुट पर आई महाराष्ट्र की भाजपा-शिवसेना सरकार ने उन पर लगे आरोपों की जांच हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश से कराने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने खड़से का इस्तीफा राज्यपाल सी. विद्यासागर राव के पास भेजते हुए आरोपों की जांच उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश से कराने की घोषणा की। गौरतलब है कि खड़से ने खुद इस जांच की मांग की थी। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व से स्पष्ट और कड़ा संदेश मिलने के बाद खड़से के पास विकल्प नहीं बचे थे। उत्तरी महाराष्ट्र के 64 साल के कद्दावर नेता ने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस को अपना इस्तीफा दिया था।

 

मुख्यमंत्री फड़णवीस ने कहा, मुझे एकनाथ खड़से का इस्तीफा मिल गया है। मैंने उसे स्वीकार कर लिया है और राज्यपाल के पास भेजा है। उन्होंने कहा, खड़से के खिलाफ लगे आरोपों की जांच उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपी जाएगी। खड़से की किस्मत का फैसला दो दिन पहले ही हो गया था जब फड़णवीस ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उनके खिलाफ लगे आरोपों की जानकारी दी थी। राज्य में पहली भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को शर्मसार करने वाले आरोप न केवल कांग्रेस, राकांपा और आप ने लगाए बल्कि इन्हें लेकर सहयोगी शिवसेना ने भी खड़से को बर्खास्त करने की मांग की थी।

 

राजस्व और कृषि जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे खड़से को कैबिनेट में नंबर दो समझा जाता था। वह पुणे में भूमि सौदे में गड़बड़ियों, कराची स्थित फरार गैंगस्टर दाउद इब्राहिम के घर से कथित फोन कॉल आने सहित कई आरोपों को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा उनके एक निजी सहायक पर भी कथित रूप से रिश्वत मांगने का आरोप है। खड़से पर आरोप है कि उन्होंने पुणे में अपनी पत्नी और दामाद के नाम पर 3.75 करोड़ रूपये की मामूली कीमत पर महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम की तीन एकड़ जमीन खरीदी थी। बताया जाता है कि जमीन की बाजार कीमत 40 करोड़ रूपये है। हालांकि खड़से ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह एक अभूतपूर्व मीडिया ट्रायल का शिकार हुए हैं। ओबीसी नेता के रूप में देखे जाने वाले खड़से ने कहा, पिछले 40 सालों से मैं राजनीति और पार्टी में हूं लेकिन कभी भी इस तरह के मीडिया ट्रायल से नहीं गुजरा।

 

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