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2025 बीता बरस/जिज्ञासा का चेहरा: ‘वैभव’ खोज

एक खिलाड़ी, जिसे लोगों ने गूगल पर इतनी बार खोजा कि वह सबसे ज्यादा ‘सर्च’ किया जाने वाला भारतीय बन...
2025 बीता बरस/जिज्ञासा का चेहरा: ‘वैभव’ खोज

एक खिलाड़ी, जिसे लोगों ने गूगल पर इतनी बार खोजा कि वह सबसे ज्यादा ‘सर्च’ किया जाने वाला भारतीय बन गया

कई एक नाम क्रिकेट में ऐसे हैं, जो सिर्फ रन या रिकॉर्ड की वजह से ही नहीं जाने जाते। कुछ खिलाड़ी स्कोरबोर्ड बदलते हैं, तो कुछ जुनूनी खेल का नक्शा बदल देते हैं, जिसके बारे में हर कोई जानने को तत्पर रहता है। वैभव सूर्यवंशी नाम का ऐसा ही एक किशोर सामूहिक जिज्ञासा का केंद्र बन गया है। वह 2025 में गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला भारतीय बन गया। जबकि उसकी उम्र मात्र 14 साल है। यह खोज उसकी व्यक्तिगत उपलब्धित तो कही ही जाएगी, लेकिन यह बदलते दौर का संकेत भी है। क्रिकेट भले ही मैदान पर खेला जाता है लेकिन यह डिजिटल आंकड़ों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराता चलता है। गूगल की 2025 की सर्च रिपोर्ट में वैभव सूर्यवंशी का नाम भारतीयों में सबसे ऊपर होना इस बात का प्रमाण है कि देश ने इस ‘बालक’ को केवल खेलते हुए नहीं देखा, बल्कि उसे जानना और समझना भी चाहा।

2025 की सर्वाधिक खोजे गए लोगों की सूची इसलिए भी आश्चर्य में डालती है कि उसका नाम देश की बड़ी-बड़ी घटनाओं, कई नामी खिलाड़ी, अभिनेता, नेता या किसी चुनाव से ज्यादा खोजा गया। गूगल ट्रेंड्स के आंकड़ों ने बताया कि इस किशोर को लेकर लोगों की उत्सुकता अभूतपूर्व थी। उम्र के साथ लोग उसके गांव, पिछले रिकॉर्ड, आइपीएल स्कोर के बारे में जानना चाहते थे। यह भी कि इतनी कम उम्र का यह लड़का कौन है, कहां से आया है और आगे क्या कर सकता है। क्रिकेट के इतिहास में पहले भी कई किशोर प्रतिभाएं आई हैं, लेकिन डिजिटल युग ने इस उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

वैभव की क्रिकेट यात्रा परीकथा जैसी लगती है। बिहार के समस्तीपुर जिले में जन्मे वैभव के लिए वहां रहकर क्रिकेट का सपना देखना आसान नहीं था। सुविधाओं और अकादमियों का अभाव, प्रदेश से खिलाड़ियों को मिलने वाले सीमित अवसर बिहार क्रिकेट की सच्चाई है। ऐसे माहौल में वैभव की प्रतिभा का उभरना संयोग से ज्यादा, निरंतर अभ्यास और पारिवारिक समर्पण का नतीजा है। उसके पिता संजीव सूर्यवंशी ने उसकी क्रिकेट प्रतिभा को पहचाना और चार वर्ष की उम्र में बल्ला थाम दिया। उसके पिता ही उसके पहले कोच बने थे।

वैभव ने बिहार की अंडर-19 टीम के लिए वीनू मांकड़ ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन किया। उसने 78.60 की औसत से 393 रन बनाए। उस प्रदर्शन ने उसे अंडर-19 क्वाड्रैंगुलर सीरीज में जगह दिलाई। टूर्नामेंट भारत, बांग्लादेश और इंग्लैंड की टीमों के बीच हुआ। भारत बी की ओर से खेलते हुए वैभव ने पहले मैच में इंग्लैंड के खिलाफ 53 रन और दूसरे मैच में बांग्लादेश के खिलाफ 75 रन बनाए। उस समय बांग्लादेश अंडर-19 टीम के कोच और पूर्व भारतीय बल्लेबाज वसीम जाफर, वैभव के खेल से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने कहा, वैभव उम्र से कहीं अधिक परिपक्व खिलाड़ी है।

उसके बाद वैभव ने जनवरी 2024 में रणजी ट्रॉफी में कदम रखा और महज 12 साल 284 दिन की उम्र में वह 1986 के बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण करने वाला सबसे कम उम्र का भारतीय खिलाड़ी बना। वह बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने वाला दूसरा सबसे युवा खिलाड़ी बना।

रणजी के बाद वैभव का अगला पड़ाव सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट था। किशोर उम्र में सीनियर टी-20 टूर्नामेंट खेलना आसान नहीं होता। लेकिन टीम प्रबंधन को उसकी क्षमता पर भरोसा था। इस टूर्नामेंट में सबने जाना कि तेज गति से रन बनाना उसकी विशेषता है। वह गैप ढूंढने में माहिर है।

सितंबर 2024 में भारत और ऑस्ट्रेलिया की अंडर-19 टीम के बीच यूथ टेस्ट हुआ था। वैभव ने अपने डेब्यू मुकाबले में सिर्फ 58 गेंदों पर शतक ठोक दिया। यह अंडर-19 क्रिकेट में किसी भी भारतीय खिलाड़ी का रिकॉर्ड है। ओवरऑल अंडर-19 में वह दुनिया का दूसरा सबसे तेज शतक था। इस पारी में केवल रन नहीं थे, बल्कि आत्मविश्वास और नियंत्रण का संतुलन था। तेज गेंदबाजों के खिलाफ फ्रंट फुट पर खेली गई ड्राइव्स और शॉट चयन ने दिखाया कि वैभव समझदार बल्लेबाज है।

उसके बाद अंडर-19 एशिया कप में भी उसका बल्ला जमकर बोला। इस टूर्नामेंट में वैभव ने 44 के औसत के साथ 176 रन बनाए। यहीं से यह हौसला मिला था कि वैभव पर आइपीएल की टीमें दांव लगा सकती हैं।

आइपीएल 2025 की नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने वैभव पर एक करोड़ दस लाख रुपये की बोली लगाई। राजस्थान रॉयल्स ने युवा प्रतिभाओं को पहचानने और तराशने में हमेशा विश्वास किया है। आइपीएल में उसका डेब्यू लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ हुआ। पहली ही गेंद पर लगाया गया छक्का सिर्फ क्रिकेटिंग कौशल नहीं, बल्कि फौलादी इरादों की निशानी था। 28 अप्रैल को गुजरात टाइटंस के खिलाफ इस लड़के ने 35 गेंदों पर 101 रन की विस्फोटक पारी खेली। यह पारी न केवल आइपीएल इतिहास में दूसरा सबसे तेज शतक बनी, बल्कि वैभव को टूर्नामेंट का सबसे युवा सेंचुरी स्कोरर भी बना गई। उसके इस शतक के बाद बिहार सरकार ने 10 लाख रुपये इनामी राशि की घोषणा की।

आइपीएल के रोमांच के बाद अब भी वैभव का ताकतवर अंदाज जारी है। वैभव ने हाल ही में अंडर 19 एशिया कप में भारतीय टीम की ओर से एक और यादगार प्रदर्शन किया। उसने पांच मैचों में 52.20 की औसत और 182.51 के स्ट्राइक रेट से 261 रन बनाए। इस दौरान उसके बल्ले से 20 गगनचुंबी छक्के निकले। इसी टूर्नामेंट में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के खिलाफ उसने 95 गेंदों पर 171 रनों की रिकॉर्ड पारी खेली। इस बेमिसाल पारी में उसने 14 छक्के जड़े।

विजय हजारे ट्रॉफी के पहले मैच में भी वैभव ने अपनी वही लय बरकरार रखी। उसने पुरुषों के लिस्ट ए क्रिकेट में शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया। 14 साल और 272 दिन की उम्र में, वैभव ने बिहार के विजय हजारे ट्रॉफी के पहले मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सिर्फ 36 गेंदों में शतक बनाकर शानदार प्रदर्शन किया। उसने पुरुषों के लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने का दक्षिण अफ्रीका के महान खिलाड़ी एबी डीविलियर्स का 64 गेंदों का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, उसने 59 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की।

फॉर्मेट कोई भी हो, वैभव का अंदाज वही रहता है। उसकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उसका हैंड-आई कोआर्डिनेशन है। वह गेंद की गति को जल्दी पढ़ लेता है। इससे उसे शॉट खेलने के लिए अतिरिक्त समय मिलता है। उसकी बैक लिफ्ट सरल है, फुटवर्क संतुलित है। और शॉट चयन में स्पष्टता दिखती है। दबाव में भी उसके चेहरे पर घबराहट नहीं दिखती।

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